कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार के दिन एक बहुत ही बड़ा और सुनियोजित हवाई हमला अंजाम दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार बुधवार को कई शत्रुतापूर्ण और खतरनाक ड्रोनों ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के व्यस्त टर्मिनल-1 (T1) को सीधे तौर पर अपना निशाना बनाया था। इन खतरनाक ड्रोनों द्वारा किए गए ताबड़तोड़ हमलों के कारण हवाई अड्डे के परिसर के भीतर मौजूद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अचानक हुए हमले से पूरे एयरपोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया था।
ईरानी आक्रामकता का हिस्सा: इस भयानक ड्रोन हमले के तुरंत बाद कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा कि हवाई अड्डे पर हुआ यह हमला असल में ‘ईरानी आक्रामकता’ का ही एक सीधा हिस्सा था। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे ईरान की सैन्य नीतियां और उसकी आक्रामक रणनीतियां ही पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। इस बयान के बाद क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सशस्त्र बल पूरी तरह तैयार: कुवैती रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने देश की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करते हुए आगे कहा कि कुवैती सशस्त्र बल इस समय पैदा हुए पूरे घटनाक्रम और जमीनी स्थिति पर लगातार अपनी बहुत ही पैनी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सेना किसी भी प्रकार के संभावित बाहरी खतरे से पूरी तरह निपटने के लिए हर मोर्चे पर हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता, आंतरिक सुरक्षा और स्थिरता को हर हाल में बनाए रखने के लिए कुवैत सरकार द्वारा सभी आवश्यक और कड़े कदम तुरंत उठाए जा रहे हैं।
विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय: कुवैत के सैन्य प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इस संकट के समय में देश की सभी संबंधित राष्ट्रीय और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार मजबूत समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इस उच्च स्तरीय समन्वय का मुख्य उद्देश्य किसी भी अन्य हवाई या जमीनी हमले की योजना को समय रहते पूरी तरह से नाकाम करना है। इस हमले के कारण जहाँ कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को कुछ नुकसान पहुँचा है, वहीं इस घटना की गूंज अब सीधे तौर पर भारत की राजधानी नई दिल्ली में भी बहुत ही मजबूती के साथ सुनाई दे रही है।
भारत का पुराना और स्पष्ट स्टैंड: इस वैश्विक संकट और हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने भी मध्य पूर्व की नाजुक स्थिति पर अपना पुराना स्टैंड एक बार फिर बहुत ही मजबूती से साफ कर दिया है। मंत्रालय ने अपने बयान के जरिए एक बार फिर दुनिया के सभी लड़ाकू पक्षों से ऐसे हिंसक और गैर-कानूनी हमलों को तुरंत बंद करने की बेहद कड़ी अपील की है। भारत सरकार ने हमेशा इस बात की वकालत की है कि युद्ध चाहे किसी भी देश के बीच हो, लेकिन उसमें कभी भी आम जनता और हवाई अड्डों जैसे नागरिक ठिकानों को नुकसान नहीं पहुँचाया जाना चाहिए।
प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता: वर्तमान में कुवैत के स्थानीय अस्पतालों में भर्ती घायल भारतीय नागरिकों को बेहतरीन और त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय दूतावास की पूरी टीम पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही मृत भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ भारत वापस भेजने के लिए भी सभी आवश्यक कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाएं बहुत तेजी से पूरी की जा रही हैं। भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय प्रवासियों से इस संकट के समय में पूरी तरह सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।





































