सुप्रीम कोर्ट में दिया गया जवाब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस गंभीर विषय पर सर्वोच्च अदालत में अपना आधिकारिक पक्ष रखा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अब भविष्य में इस परीक्षा के माध्यम में बड़ा परिवर्तन किया जाएगा। टेस्टिंग एजेंसी ने अदालत को स्पष्ट रूप से बताया है कि वह इस परीक्षा को नए तरीके से कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। योजना के अनुसार वर्ष 2027 से इस परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में ही आयोजित किया जाएगा।
ऑफलाइन मोड से होगा बदलाव अब तक यह महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा देशभर में केवल ऑफलाइन पेन और पेपर मोड में ही आयोजित होती रही है। लेकिन आने वाले समय में लाखों छात्रों को कागज के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर यह परीक्षा देनी पड़ सकती है। एजेंसी ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बड़े बदलाव के लिए तकनीकी तैयारियां काफी तेजी से की जा रही हैं। इन तकनीकी तैयारियों का मुख्य उद्देश्य निर्धारित समय तक ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को बिना किसी बाधा के लागू करना है। विभाग का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक इस नई व्यवस्था को हर हाल में देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुचारू रूप से लागू कर दिया जाए।
विशेषज्ञ समिति और सरकार की सलाह परीक्षा प्रणाली में इतना बड़ा बदलाव केवल एक जांच एजेंसी के स्तर पर ही नहीं लिया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण फैसले को जमीनी स्तर पर लागू करने से पहले केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से पूरी सलाह ली जाएगी। सरकार से विस्तृत चर्चा और सहमति के बाद ही इस ऑनलाइन प्रणाली को अंतिम रूप से स्वीकृति प्रदान की जाएगी। हाल ही में एक हाई लेवल एक्सपर्ट कमेटी ने भी परीक्षा के तरीके को बदलने की अपनी मजबूत सिफारिश सरकार को सौंपी है। इस विशेषज्ञ समिति ने साफ कहा है कि सुरक्षा कारणों से परीक्षा को पेन-पेपर मोड से हटाकर सीबीटी मोड में लाया जाना चाहिए।
छात्रों को मिलेगा नया अनुभव कंप्यूटर आधारित टेस्ट लागू होने के बाद सभी छात्रों को परीक्षा देने का एक बिल्कुल नया और अलग अनुभव मिलेगा। छात्रों को अब ओएमआर शीट के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न पढ़कर अपना उत्तर सीधे ऑनलाइन ही दर्ज करना होगा। इस नई व्यवस्था से गोले भरने में होने वाली मानवीय गलतियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों का रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया भी पहले से काफी तेज हो सकती है। हालांकि ग्रामीण परिवेश से आने वाले कई छात्रों के लिए शुरुआत में यह डिजिटल परीक्षा प्रणाली एक नई चुनौती भी बन सकती है।
सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है। हाल के कुछ वर्षों में इस मेडिकल परीक्षा को लेकर पेपर लीक और गड़बड़ी के कई मामले लगातार चर्चा में रहे हैं। परीक्षा में हुई गड़बड़ी की इन गंभीर घटनाओं के बाद से ही वर्तमान व्यवस्था में सुधार की मांग तेजी से उठ रही थी। इन्हीं कारणों से अब टेस्टिंग एजेंसी पुरानी पद्धति छोड़कर तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली अपनाने पर सबसे अधिक जोर दे रही है। एजेंसी का दृढ़ विश्वास है कि ऑनलाइन परीक्षा होने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी।
ऑनलाइन परीक्षाओं का पुराना अनुभव राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने वाली यह एजेंसी ऑनलाइन मोड की प्रणाली के लिए पूरी तरह से नई नहीं है। एजेंसी ने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया है कि उसके पास ऑनलाइन परीक्षा कराने का पर्याप्त अनुभव पहले से मौजूद है। वर्तमान समय में टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली लगभग सभी बड़ी परीक्षाएं पहले से ही ऑनलाइन मोड में हो रही हैं। इन्हीं सफल अनुभवों के आधार पर अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा को भी इसी सुरक्षित ढांचे में लाया जाएगा। इस सख्त और आधुनिक कदम से भविष्य में लाखों छात्रों का करियर अधिक सुरक्षित और विवादों से पूरी तरह मुक्त हो सकेगा।
अधीनस्थ सेवा के पदों पर भर्ती राज्य में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से किसी नई भर्ती का इंतजार कर रहे होनहार अभ्यर्थियों के लिए अब एक सुनहरा मौका आ गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा 2026 के लिए अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नई भर्ती प्रक्रिया के जरिए राज्य के अलग-अलग सरकारी विभागों में कुल 2285 पदों पर योग्य युवाओं की नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती की यह अच्छी खबर सामने आते ही नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में भारी उत्साह और खुशी देखने को मिल रही है।
Uttar Pradesh में सरकारी नौकरी की बहार, UPSSSC ने हजारों पदों पर शुरू की नई भर्ती प्रक्रिया
आवेदन और पात्रता के कड़े नियम आयोग ने इस बार आवेदन की पूरी प्रक्रिया को अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केवल ऑनलाइन रखा है। इस आसान ऑनलाइन व्यवस्था से उम्मीदवार बिना किसी परेशानी के घर बैठे ही अपना फॉर्म सरलता से भर सकेंगे। इस महत्वपूर्ण भर्ती में केवल वही उम्मीदवार अपना आवेदन कर पाएंगे जिन्होंने पीईटी 2025 की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। आयोग ने साफ कर दिया है कि मुख्य परीक्षा के लिए अंतिम चयन केवल पीईटी के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर ही किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों के अंक बहुत कम हैं, उन्हें इस मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर बिल्कुल प्रदान नहीं किया जाएगा।
विभागों और पदों का पूरा विवरण इस बड़ी और संयुक्त भर्ती के जरिए कई अहम पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी जिनमें अलग-अलग विभागों के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। सबसे ज्यादा बंपर भर्ती सहायक कोषागार लेखाकार के पद पर निकली है जिसके लिए कुल 548 सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इसके बाद लेखा परीक्षक के 419 पद और अमीन तथा नीलामकर्ता के 323 पदों पर योग्य युवाओं की सीधी भर्ती होगी। वहीं अधिशासी अधिकारी के 238 पद, लिपिक वर्ग के 229 पद तथा सहायक चकबंदी अधिकारी के 168 पद भी भरे जाएंगे। पदों के आरक्षण में अनारक्षित वर्ग के लिए 1030 सीटें, ओबीसी के लिए 563 और ईडब्ल्यूएस के लिए 222 पद सुनिश्चित किए गए हैं।
आबकारी सिपाही की नई भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने राज्य के युवाओं के लिए एक और बड़ी भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नए और विशेष भर्ती अभियान के तहत राज्य भर में आबकारी सिपाही के कुल 722 रिक्त पदों को शीघ्र ही भरा जाएगा। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 12वीं पास अभ्यर्थियों के लिए पुलिस और आबकारी विभाग से जुड़ा यह एक सुनहरा मौका है। भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 24 जून 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन फॉर्म बिना किसी देरी के जमा कर सकेंगे। वहीं उम्मीदवारों को अपने भरे हुए आवेदन फॉर्म में किसी भी प्रकार का सुधार करने के लिए 1 जुलाई 2026 तक का समय दिया जाएगा।
सिपाही पद के लिए आयु और शुल्क आबकारी सिपाही भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य है। शैक्षणिक योग्यता के अलावा उम्मीदवार के पास पीईटी 2025 का वैध स्कोर कार्ड होना भी चयन प्रक्रिया के लिए बहुत जरूरी रहेगा। इस सिपाही भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष सख्ती से निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार इस अधिकतम आयु सीमा में उचित और तय छूट प्रदान की जाएगी। इस विशेष भर्ती के लिए सभी वर्ग के उम्मीदवारों हेतु आवेदन शुल्क मात्र 25 रुपये निर्धारित किया गया है जिसे ऑनलाइन ही जमा करना होगा।
शारीरिक दक्षता और अंतिम चयन सिपाही वर्ग की भर्ती होने के कारण इसमें पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 167.6 सेंटीमीटर अनिवार्य रूप से निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पुरुष उम्मीदवारों के सीने की सामान्य माप 80 सेंटीमीटर और फुलाने के बाद यह 85 सेंटीमीटर होनी चाहिए। महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 152 सेंटीमीटर तय की गई है और उनका वजन कम से कम 45 किलोग्राम होना आवश्यक है। उम्मीदवारों का अंतिम चयन पीईटी स्कोर, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और अंत में दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। आयोग द्वारा इन सभी कड़े चरणों के बाद मेरिट सूची जारी होगी और फिर चयनित उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग में नियुक्ति दी जाएगी।





































