अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि अनंत समाधि में विलीन हो गए। बुधवार को पूरे विधि विधान और अखाड़ों-संन्यासियों की परंपरा के अनुसार उन्हें भू समाधि दी गई। इस दौरान देशभर के संत, महात्मा, महामंडलेश्वर पहुंचे थे। सुबह पोस्टमार्टम के बाद उनकी शव यात्रा फूलों से सजे रथ पर रखकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए संगम तट पर पहुंची। यहां शास्त्रोक्त विधि से संगम के जल से स्नान कराने के बाद पुनः पार्थिव शरीर मठ बाघंबरी गद्दी लाया गया।
यहां नरेंद्र गिरि की अंतिम इच्छा के अनुसार उनके द्वारा सुसाइड नोट में बताए गए स्थान पर उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान हजारों की संख्या में भक्तों ने उन्हें नम आखों से अंतिम विदाई दी। पूरे गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
शव का पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक किया
इसके पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक किया। शुरूआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। यहां से शव को संगम में स्नान के बाद मठ ले जाया गया। इससे पहले बाघंबरी मठ से संगम के लिए निकली अंतिम यात्रा में संतों और भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, देश के विभिन्न महामंडलेश्वर और 13 अखाड़ों के साधु संत प्रयागराज पहुंचे हैं। पार्थिव शरीर को समाधि दे दी गई।
महंत की अंतिम यात्रा में संतों और भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघमबारी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद मठ लाया गया था। मठ में कुछ देर संतों और भक्तों के दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को सुसज्जित रथ पर रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई। महंत की अंतिम यात्रा में संतों और भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा । त्रिवेणी संगम पर पार्थिव शरीर को स्नान कराने के बाद मठ में भू समाधि दी गई। पंचक के बावजूद मठ में भू समाधि दी गई।
पार्थिव शरीर के पीछे शिष्यों और संतों की गाड़ियों का काफिला भी चलता रहा
महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को सुबह ही मर्चरी पर पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था। शव वाहन पर रखे पार्थिव शरीर के पीछे बाघंबरी गद्दी मठ के शिष्यों अनुयायियों और संतों की गाड़ियों का काफिला भी चलता रहा। फूलों से सजे रथ पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के शव को लेकर निकाली गई। यात्रा में महंत के अंतिम दर्शन के लिए संगम जाने वाले मार्गों पर भारी भीड़ जमा हो गई है। लोगों ने जगह जगह फूल माला चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। महंत नरेंद्र गिरि की अंतिम यात्रा और समाधिस्थ करने तक पूरे समय डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि, रविंद्र पुरी, मौनी बाबा आदि सहित हजारों लोग मौजूद रहे।





































