लेख का संक्षिप्त विवरण (सार): इस लेख में जून 2026 के तीन प्रमुख ज्योतिषीय और धार्मिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।
- शनि प्रदोष व्रत (27 जून): अत्यंत फलदायी शनि प्रदोष व्रत की सही तिथियां, शुभ योग (रवि, साध्य) और भगवान शिव व शनि देव की पूजा के सटीक मुहूर्त।
- शनिवार के नियम: शनिवार के दिन लोहा, तेल और काले कपड़े जैसी चीजों की खरीदारी से बचने के कारण और दान का महत्व।
- मंगल गोचर: 21 जून से 2 अगस्त तक वृषभ राशि में मंगल का गोचर, जो 5 राशियों (वृषभ, मिथुन, तुला, वृश्चिक और कुंभ) को अस्थायी रूप से मांगलिक बनाएगा, और उसके अचूक उपाय।
शनि प्रदोष व्रत 2026: महत्व, तिथि और शुभ मुहूर्त
हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत करने का विधान है। जून का दूसरा प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा। इस दिन व्रत और विधिपूर्वक पूजा करने से भोलेनाथ के साथ-साथ शनि देव की भी कृपा प्राप्त होती है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित लोगों के लिए यह दिन विशेष फलदायी है।
- शनि प्रदोष की तिथि: पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तिथि 26 जून 2026 की रात 10:22 बजे से शुरू होगी और 28 जून मध्यरात्रि 12:43 बजे समाप्त होगी। प्रदोष काल की गणना के आधार पर यह व्रत 27 जून 2026 को रखा जाएगा।
- शुभ योग: शनि प्रदोष के दिन रवि योग (रात 10:11 बजे से), साध्य योग (दोपहर 12:32 बजे तक) और उसके बाद शुभ योग रहेगा। साथ ही सुबह से लेकर रात 10:11 तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 07:20 से रात 09:29 तक (भक्तों को पूजा के लिए करीब 2 घंटे 9 मिनट का समय मिलेगा)।
- अन्य मुहूर्त:
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: शाम 07:23 से रात 08:38 तक।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:05 से 04:45 तक।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:52 तक।
शनिवार की खरीदारी के नियम (Shaniwar Shopping Niyam)
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनिदेव को समर्पित है। इस दिन खरीदारी को लेकर कुछ विशेष मान्यताएं हैं।
- लोहा खरीदना क्यों अशुभ? लोहा शनिदेव की प्रिय धातु है। मान्यताओं के अनुसार शनिवार को लोहे या इससे बनी वस्तुएं खरीदने से आर्थिक नुकसान, कामकाज में बाधाएं या घरेलू तनाव हो सकता है।
- किन चीजों की खरीदारी से बचें: लोहा, स्टील के बर्तन, वाहन, सरसों का तेल, नमक, काले तिल, काले जूते, काले कपड़े, काला कंबल और छाता। ये सभी वस्तुएं शनिदेव से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें खरीदने के बजाय इनका दान करना शुभ माना गया है।
- शनि दोष में उपाय: जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो, उन्हें शनि के अशुभ प्रभाव कम करने के लिए लोहे का छल्ला धारण करना चाहिए या स्टील/लोहे की वस्तुओं का दान करना चाहिए।
- जरूरी हो तो क्या करें? यदि शनिवार को लोहे की वस्तु लाना बेहद जरूरी हो, तो उसका भुगतान एक दिन पहले करने की सलाह दी जाती है ताकि अशुभ प्रभाव कम हो सके।
मंगल गोचर: 5 राशियों पर अस्थायी मांगलिक प्रभाव और उपाय
पराक्रम, नेतृत्व और साहस के कारक ग्रह मंगल 21 जून को वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। यह गोचर 2 अगस्त तक रहेगा और इसके चलते 5 राशियां अस्थायी रूप से मांगलिक बन जाएंगी। आइए जानते हैं इन राशियों पर प्रभाव और मंगल दोष दूर करने के उपाय:
1. वृषभ राशि
- प्रभाव: मंगल आपके प्रथम भाव में गोचर करेगा। पारिवारिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं और आप मानसिक रूप से परेशान रह सकते हैं।
- उपाय: मंदिर में मसूर की दाल से बनी कोई चीज़ दान करें।
2. मिथुन राशि
- प्रभाव: मंगल बारहवें स्थान (व्यय और शय्या सुख) में गोचर करेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी लेकिन गुस्सा बढ़ सकता है। 2 अगस्त तक शत्रुओं से सावधान रहें।
- उपाय: खाकी रंग की टोपी या पगड़ी से अपना सिर ढककर रखें।
3. तुला राशि
- प्रभाव: मंगल आठवें स्थान (आयु) में गोचर करेगा। सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकता है और धन कमाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।
- उपाय: कुत्ते को रोटी खिलाएं।
4. वृश्चिक राशि
- प्रभाव: मंगल सातवें स्थान (जीवनसाथी) में गोचर करेगा। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी और जीवनसाथी का पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा।
- उपाय: अपनी बुआ या बहन को लाल रंग के कपड़े गिफ्ट करें और उनका आशीर्वाद लें।
5. कुंभ राशि
- प्रभाव: मंगल चौथे स्थान (भवन, भूमि, वाहन, माता) में गोचर करेगा। भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा, साथ ही माता का सहयोग भी प्राप्त होगा।
- उपाय: दूध में थोड़ा-सा मीठा डालकर बरगद के पेड़ की जड़ में डालें। दूध डालने से जो मिट्टी गीली हो, उससे अपने माथे पर तिलक लगाएं।
(नोट: मांगलिक प्रभाव के दौरान विवाहित जातकों को यह ध्यान देना चाहिए कि क्या उनके जीवनसाथी की कुंडली में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर है, ताकि वे सतर्कता से उपाय कर सकें।)





































