ने शुक्रवार को Kisan Credit Card योजना के मौजूदा मानदंडों में एक बहुत ही अहम बदलाव किया है। इस नए कदम के तहत लोन मंजूर करने और उसे चुकाने के कार्यक्रमों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है। इसके लिए मुख्य रूप से फसल सीजन की पुरानी परिभाषा को एक जैसा और स्पष्ट किया गया है। यह नया RBI (वाणिज्यिक बैंक–केसीसी योजना) निर्देश 2026 अगले साल जनवरी के महीने से पूरी तरह लागू हो जाएगा। केंद्रीय बैंक के अनुसार ये निर्देश बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त और समय पर लोन सहायता सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं।
बदलाव का मुख्य कारण: RBI ने स्पष्ट किया है कि इस बड़े बदलाव का मुख्य उद्देश्य खेती और उससे जुड़े कामों में लगे लोगों की वित्तीय मदद करना है। इससे कर्जदारों की कार्यशील पूंजी और निवेश ऋण से जुड़ी सभी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। फसल मौसम की नई परिभाषा को अब ‘आय पहचान और संपत्ति वर्गीकरण’ (IRC) नियमों के बिल्कुल अनुरूप बना दिया गया है। इन नए निर्देशों के अनुसार अल्पावधि वाली फसलों के लिए फसल मौसम की अधिकतम अवधि बारह महीने निर्धारित की जाएगी। वहीं दूसरी ओर दीर्घावधि वाली फसलों के लिए इस फसल मौसम की अवधि को बढ़ाकर अठारह महीने तय किया गया है।
फसल मौसम की परिभाषा: नए नियमों के तहत फसल मौसम का सीधा मतलब बुवाई से लेकर कटाई और विपणन तक की पूरी अवधि से है। इस तय सीमा के अंदर किसानों को अपनी फसल का उचित प्रबंधन और बिक्री करने का पूरा समय मिल जाएगा। इस स्पष्ट परिभाषा से बैंकों को भी किसानों के ऋण चुकाने की क्षमता का सही आकलन करने में बहुत मदद मिलेगी। समय अवधि तय होने से बैंकिंग प्रणाली में लोन देने की पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा पारदर्शी और आसान हो जाएगी। इसका सीधा लाभ उन सभी किसानों को मिलेगा जो सही समय पर कृषि कार्यों के लिए वित्तीय सहायता की उम्मीद करते हैं।
जनता से मांगे गए सुझाव: केंद्रीय बैंक ने इसी साल फरवरी महीने में संशोधित Kisan Credit Card योजना पर एक मसौदा निर्देश जारी किया था। इस मसौदे के जरिए आम जनता और संबंधित पक्षों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव और प्रतिक्रियाएं विस्तार से मांगी गई थीं। इसी दौरान कई लोगों ने बिना जमानत वाले लोन की तय सीमा को और अधिक बढ़ाने का भी सुझाव दिया था। हालांकि RBI ने बिना जमानत वाले लोन की सीमा बढ़ाने से जुड़े इन सभी सुझावों को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है। बैंक ने बताया कि यह सीमा दिसंबर 2024 में पहले ही बढ़ाई जा चुकी है और फिलहाल इसमें बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सोने और चांदी पर नियम: बिना गारंटी वाले लोन की सीमा भले ही नहीं बढ़ी है, लेकिन गिरवी रखने के नियमों में एक स्पष्टीकरण जरूर दिया गया है। अगर कोई किसान दो लाख रुपये तक के कृषि लोन के लिए अपनी स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो उसे गलत नहीं माना जाएगा। इस स्वैच्छिक कदम को कृषि क्षेत्र में बिना गारंटी ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं माना जाएगा। यह नियम उन किसानों को अतिरिक्त विकल्प देता है जो अपनी मर्जी से कीमती धातु रखकर तुरंत लोन प्राप्त करना चाहते हैं। इससे छोटी राशि के लोन लेने की प्रक्रिया में बैंकों और किसानों दोनों के बीच बैंकिंग प्रणाली का विश्वास और भी ज्यादा मजबूत होगा।
क्या है यह योजना: India सरकार ने देश के किसानों की वित्तीय सुविधा और धन उपलब्धता के विशेष उद्देश्य से इस लाभकारी स्कीम की शुरुआत की थी। इस बेहतरीन योजना के तहत किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन से जुड़े कामों के लिए किफायती ब्याज दरों पर लोन मिलता है। इस विशेष योजना के माध्यम से एक तय लिमिट तक के लोन के लिए किसानों को अपनी कोई संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। Kisan Credit Card ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि विकास को निरंतर बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। नए बदलावों के लागू होने के बाद इस कार्ड की उपयोगिता बैंकिंग क्षेत्र और किसानों दोनों के लिए और अधिक बढ़ जाएगी।





































