दिनांक 05 जुलाई 2026 (रविवार) का संपूर्ण और विस्तृत पंचांग नीचे दिया गया है। आनंद सागर पाठक (एस्ट्रोपत्री) के अनुसार, यह दिन मुख्य रूप से सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य देव की उपासना करने से व्यक्ति की आभा में निखार आने के साथ यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है। इसमें सभी शुभ और अशुभ कालों का विवरण तथा भारत के सभी राज्यों की राजधानियों के अनुसार राहुकाल का समय शामिल है।
मुख्य पंचांग एवं ग्रह स्थिति
- तिथि: आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि (दोपहर 01:30 बजे तक), इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ। (अन्य गणना अनुसार: ज्येष्ठ अधिक कृष्ण पंचमी – अगले दिन तड़के 01:20 बजे तक, संवत् 2083)
- वार: रविवार / शुक्रवार (पंचांग भेद अनुसार)
- नक्षत्र: शतभिषा (दोपहर 03:12 बजे तक), इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र। (अन्य गणना: श्रवण नक्षत्र पूरी रात)
- श्रवण नक्षत्र विशेषता: 10° मकर राशि से 23°20’ मकर राशि तक। नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव, राशि स्वामी: शनिदेव, देवता: विष्णुदेव, प्रतीक: कान। जिज्ञासु, बुद्धिमान, ज्ञानी और अच्छे श्रोता।
- योग: आयुष्मान (शाम 04:35 तक), इसके बाद सौभाग्य योग। (अन्य गणना: ब्रह्म प्रातः 09:43 तक, फिर इन्द्र)
- करण: कौलव (दोपहर 12:28 तक), तैतिल (अगले दिन तड़के 01:20 तक, फिर गरज)
- दिशा शूल: पश्चिम (इस दिशा में यात्रा से बचें)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 05:23 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:16 बजे
- चंद्रोदय: रात्रि 11:19 बजे
- चंद्रास्त: प्रातः 09:15 बजे (अगले दिन)
- सूर्य देव: वृषभ राशि में विराजमान हैं।
- चन्द्र देव: कुंभ राशि / मकर राशि में विराजमान हैं।
शुभ काल (शुभ मुहूर्त)
किसी भी नए कार्य को शुरू करने, पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए ये समय उत्तम माने जाते हैं:
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 / 11:54 बजे से दोपहर 12:48 / 12:49 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:06 बजे से 04:55 बजे तक
- अमृत काल: शाम 06:38 बजे से रात 08:23 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 बजे से 03:17 बजे तक
- रवि योग: पूरे दिन रहेगा (दोपहर 03:12 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह तक)
अशुभ काल (अशुभ मुहूर्त)
इन समयों में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल: प्रातः 10:36 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक (तथा स्थान अनुसार शाम 05:30 बजे से रात 07:13 बजे तक)
- गुलिक काल: प्रातः 07:07 बजे से 08:51 बजे तक / दोपहर 03:30 बजे से 05:30 बजे तक
- यमगंड (यमघंट काल): दोपहर 12:22 / 12:44 बजे से 02:05 / 02:25 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 05:25 बजे से 06:19 बजे तक
सभी राज्यों की राजधानियों में राहुकाल का समय
ज्योतिषीय गणना और सूर्योदय/सूर्यास्त के अनुसार राहुकाल हर शहर में थोड़ा अलग होता है:
| राज्य (राजधानी) | राहुकाल (05 जुलाई 2026) |
| उत्तर प्रदेश (लखनऊ) | 05:22 PM से 07:05 PM |
| दिल्ली (एनसीटी) | 05:33 PM से 07:17 PM |
| राजस्थान (जयपुर) | 05:45 PM से 07:30 PM |
| महाराष्ट्र (मुंबई) | 05:32 PM से 07:13 PM |
| पश्चिम बंगाल (कोलकाता) | 04:44 PM से 06:25 PM |
| कर्नाटक (बेंगलुरू) | 05:07 PM से 06:44 PM |
| तमिलनाडु (चेन्नई) | 04:55 PM से 06:32 PM |
| बिहार (पटना) | 05:11 PM से 06:53 PM |
| पंजाब/हरियाणा (चंडीगढ़) | 05:39 PM से 07:24 PM |
| गुजरात (गांधीनगर) | 05:43 PM से 07:27 PM |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | 05:26 PM से 07:09 PM |
| तेलंगाना (हैदराबाद) | 05:11 PM से 06:48 PM |
| आंध्र प्रदेश (अमरावती) | 04:58 PM से 06:36 PM |
| असम (दिसपुर) | 04:21 PM से 06:03 PM |
| केरल (तिरुवनंतपुरम) | 05:05 PM से 06:41 PM |
| ओडिशा (भुवनेश्वर) | 05:00 PM से 06:43 PM |
| जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर) | 05:50 PM से 07:37 PM |
| उत्तराखंड (देहरादून) | 05:32 PM से 07:16 PM |
| झारखंड (रांची) | 05:07 PM से 06:50 PM |
| छत्तीसगढ़ (रायपुर) | 05:13 PM से 06:55 PM |
| गोवा (पणजी) | 05:24 PM से 07:04 PM |
| हिमाचल प्रदेश (शिमला) | 05:36 PM से 07:22 PM |
| अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) | 04:09 PM से 05:52 PM |
| मणिपुर (इंफाल) | 04:04 PM से 05:45 PM |
| मेघालय (शिलांग) | 04:19 PM से 06:01 PM |
| मिजोरम (आइजोल) | 04:08 PM से 05:49 PM |
| नागालैंड (कोहिमा) | 04:05 PM से 05:46 PM |
| सिक्किम (गंगटोक) | 04:31 PM से 06:14 PM |
| त्रिपुरा (अगरतला) | 04:14 PM से 05:57 PM |





































