केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री ने शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस विशेष प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़े कई तकनीकी फायदे गिनाए। मंत्री ने फ्यूल माइलेज कम होने की बातों का जवाब देते हुए इसे एक बहुत ही उन्नत ईंधन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खास ईंधन का इस्तेमाल पेशेवर रेसिंग कारों में भी बड़े पैमाने पर होता है। रेसिंग कारों में इसके सफल उपयोग से इस ईंधन की उच्च गुणवत्ता और क्षमता अपने आप साबित होती है।
माइलेज और इंजन की असलियत गाड़ियों की परफॉरमेंस पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे इंजन का एक्सेलरेशन पहले से काफी बेहतर होता है। इथेनॉल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन में होने वाली नॉकिंग की समस्या में भी सुधार आता है। माइलेज के सवाल पर उन्होंने माना कि इससे गाड़ियों का माइलेज थोड़ा सा कम जरूर हो सकता है। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि माइलेज कम होने के पीछे केवल यही एक वजह नहीं होती है। माइलेज में कमी आने के पीछे कई अन्य तकनीकी और व्यावहारिक कारण भी समान रूप से जिम्मेदार होते हैं।
स्टेकहोल्डर्स के साथ हुआ है विचार सरकार ने इस नई ईंधन नीति को लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से बहुत गहरी चर्चा की है। पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण स्टेज पर पहुंचने से पहले ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों से बात की गई। सरकार ने विशेष रूप से सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के साथ कई दौर की महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इसके अलावा ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी गहन तकनीकी सलाह ली गई है। इन सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स की सहमति और वैज्ञानिक शोध के बाद ही इस ईंधन को बाजार में उतारा गया है।
इंश्योरेंस को लेकर फैलाई गई अफवाह देश में कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि इंश्योरेंस कंपनियां इसके नुकसान को कवर नहीं करेंगी। मंत्री ने इस भ्रामक जानकारी का कड़ा विरोध करते हुए देश के सभी वाहन मालिकों को पूरी तरह आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। बीमा कंपनियों के मुताबिक इथेनॉल इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों का क्लेम किसी भी हाल में रद्द नहीं किया जाएगा। मंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर इस तरह की झूठी बातें और अफवाहें फैलाने से समाज में किसे फायदा होता है।
बाजार में नई तकनीक की जगह हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वह अफवाह फैलाने वालों पर सीधे तौर पर कोई भी इल्जाम नहीं लगाने वाले हैं। लेकिन उन्होंने यह बहुत साफ कर दिया कि भारत का कंज्यूमर मार्केट अब काफी तेजी से बढ़ और बदल रहा है। इस बढ़ते हुए बाजार में सभी तरह की नई और उन्नत टेक्नोलॉजी के एक साथ रहने के लिए काफी जगह मौजूद है। बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ-साथ बायोफ्यूल ब्लेंडेड गाड़ियों के लिए भी व्यापार की बहुत बड़ी जगह उपलब्ध है। ग्राहकों के पास अब अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से बेहतर तकनीक चुनने के कई सारे विकल्प मौजूद हैं।
भविष्य में पच्चीस प्रतिशत का लक्ष्य इथेनॉल ब्लेंडिंग के भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने सरकार की आगे की स्पष्ट योजना भी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में देश में पेट्रोल के अंदर केवल बीस प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग ही की जा रही है। सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य इस बीस प्रतिशत के मौजूदा आंकड़े को बढ़ाकर पच्चीस प्रतिशत तक ले जाने का है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्लेंडिंग का यह प्रतिशत अचानक या बिना किसी तकनीकी तैयारी के नहीं बढ़ाया जाएगा। बीस से पच्चीस प्रतिशत पर जाने का यह बड़ा कदम सभी जरूरी वैज्ञानिक टेस्ट पूरे होने के बाद ही उठाया जाएगा।





































