लोकसभा चुनाव के बेहतरीन नतीजों के बाद से ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता कैडर बेहद उत्साहित नजर आ रहा है। आगामी राज्य चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा ने अपनी रणनीतिक और प्रचार संबंधी गतिविधियों को अभी से गति देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय के ठीक सामने एक नया राजनीतिक पोस्टर टांगा गया है। इस पोस्टर में अखिलेश यादव की काफी बड़ी तस्वीर छापी गई है, जो आते-जाते लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इस पोस्टर के जरिए अखिलेश यादव को केवल एक राजनीतिक विकल्प नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता का मुख्य संकल्प घोषित किया गया है।
मृत्युंजय यादव ने लगवाया पोस्टर: सपा दफ़्तर के बाहर लगे इस नए और आकर्षक पोस्टर को लोहिया वाहिनी के प्रमुख युवा नेता मृत्युंजय यादव ने लगवाया है। पोस्टर के माध्यम से अखिलेश यादव के प्रति पूरी निष्ठा और सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की गई है। पोस्टर पर ‘अखिलेश विकल्प नहीं, संकल्प’ का प्रभावशाली संदेश लिखकर पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का आह्वान किया गया है। लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की नई सरकार बनाने का औपचारिक संकल्प लिया है। इस पोस्टर के लगते ही राजधानी लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
पोस्टरबाजी की पुरानी परंपरा: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में पोस्टरों के माध्यम से संदेश देने की एक बेहद लंबी और पुरानी परंपरा रही है। राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, इस माध्यम का भरपूर प्रयोग करते आए हैं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता पोस्टरों पर लिखे तीखे स्लोगन के जरिए अपने समर्थकों में ऊर्जा भरते हैं और अपने राजनीतिक विरोधियों को सीधा संदेश देते हैं। इससे पूर्व भी सपा दफ़्तर के बाहर कई ऐसे विवादित और रणनीतिक पोस्टर लगाए जा चुके हैं, जिन्होंने राज्य की मीडिया और आम जनता का ध्यान अपनी तरफ काफी तेजी से आकर्षित किया था।
भाजपा पर साधा गया निशाना: इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के सामने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर भी एक बड़ा पोस्टर लगाया गया था। उस पोस्टर के जरिए बीजेपी की नीतियों और आचरण पर कड़े सवाल उठाते हुए सीधा निशाना साधा गया था। उस पोस्टर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भगवान राम की प्रतिमा के पास खड़े दिखाया गया था और साथ में लिखा था कि ‘2027 में आ रहे हैं अखिलेश’। पोस्टर में भाजपा पर प्रहार करते हुए लिखा गया था कि ‘बीजेपी से मर्यादा पुरुषोत्तम राम हुए नाराज़, अब न आएंगे योगी महाराज, महापापियों का खुला भेद, भाजपाईयों पर सच्चे सनातनियों को है खेद’।
चुनाव तक मुद्दा भुनाने की योजना: इन तमाम राजनीतिक बयानों और पोस्टरों से यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि सपा आगामी चुनावों के लिए पूरी रणनीति बना चुकी है। समाजवादी पार्टी छात्रों की समस्याओं से लेकर राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लगातार बैकफुट पर धकेलने का प्रयास कर रही है। पार्टी की योजना इन सभी महत्वपूर्ण विषयों को आगामी विधानसभा चुनाव के आने तक पूरे जोर-शोर से जनता के बीच लगातार उठाए रखने की है। लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद से ही समाजवादी पार्टी के तमाम पदाधिकारियों और छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है।
आगामी चुनाव पर सपा की नजर: वर्तमान में सपा कार्यकर्ता लोहिया वाहिनी और अन्य अग्रिम संगठनों के माध्यम से राज्य के कोने-कोने में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। पोस्टर के जरिए अखिलेश यादव के पक्ष में माहौल तैयार करने की यह कोशिश पार्टी की सोची-समझी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। छात्र राजनीति से जुड़े नेताओं को आगे करके समाजवादी पार्टी युवाओं को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रही है। सपा का मानना है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही राज्य का विकास संभव है। आने वाले दिनों में इस पोस्टर राजनीति को लेकर सपा और भाजपा के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं।













































