मुख्य पंचांग विवरण
6 अक्टूबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और मंगलवार का दिन रहेगा। एकादशी तिथि रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पितृ पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है और इस दिन एकादशी तिथि से संबंधित पूर्वजों का श्राद्ध भी किया जाएगा। मंगलवार को साध्य योग अगले दिन सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक बना रहेगा, जबकि अश्लेषा नक्षत्र रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा और उसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी सुबह 6 बजकर 17 मिनट से रात 10 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। ऐसे में व्रत, श्राद्ध कर्म और धार्मिक कार्यों के लिए दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ-अशुभ समय चौघड़िया और राहुकाल को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (पराभव)
अयन: दक्षिणायण
ऋतु: शरद ऋतु
मास: आश्विन मास
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी तिथि रात 12:34 बजे तक, तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र: अश्लेषा नक्षत्र रात्रि 10:17 बजे तक, तत्पश्चात मघा
योग: साध्य योग अगले दिन सुबह 04:59 बजे तक, तत्पश्चात शुभ योग
सूर्य राशि: कन्या राशि में विराजमान हैं
चन्द्र राशि: कर्क राशि में विराजमान हैं, रात्रि 10:17 बजे तक, तत्पश्चात सिंह राशि
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:46 ए एम से 12:32 पी एम
अमृत काल: रात्रि 08:44 पी एम से 10:17 पी एम
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:45 ए एम से 05:33 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:17 ए एम से रात्रि 10:17 पी एम
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:07 पी एम से 02:54 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:02 पी एम से 06:27 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 03:05 पी एम से शाम 04:33 पी एम
यमगण्ड काल: सुबह 09:14 ए एम से 10:42 ए एम
गुलिक काल: दोपहर 12:09 पी एम से 01:36 पी एम
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:40 ए एम से 09:26 ए एम एवं रात्रि 10:55 पी एम से 11:44 पी एम
वर्ज्यम्: सुबह 11:29 ए एम से दोपहर 01:02 पी एम
दिशाशूल: उत्तर दिशा
सूर्योदय, सूर्यास्त और चन्द्रोदय-चन्द्रास्त
सूर्योदय: सुबह 06:17 ए एम
सूर्यास्त: शाम 06:01 पी एम
चन्द्रोदय: रात्रि 01:42 ए एम, 6 अक्टूबर की देर रात/7 अक्टूबर तड़के
चन्द्रास्त: दोपहर 03:26 पी एम, 6 अक्टूबर
दिन की चौघड़िया
रोग: सुबह 06:17 ए एम से 07:45 ए एम
उद्वेग: सुबह 07:45 ए एम से 09:13 ए एम
चर: सुबह 09:13 ए एम से 10:41 ए एम
लाभ: सुबह 10:41 ए एम से 12:09 पी एम
अमृत: दोपहर 12:09 पी एम से 01:37 पी एम
काल: दोपहर 01:37 पी एम से 03:05 पी एम
शुभ: दोपहर 03:05 पी एम से 04:33 पी एम
रोग: शाम 04:33 पी एम से 06:01 पी एम
रात्रि की चौघड़िया
काल: शाम 06:01 पी एम से 07:33 पी एम
लाभ: शाम 07:33 पी एम से 09:05 पी एम
उद्वेग: रात 09:05 पी एम से 10:37 पी एम
शुभ: रात 10:37 पी एम से 12:09 ए एम
अमृत: रात 12:09 ए एम से 01:41 ए एम, 7 अक्टूबर
चर: रात 01:41 ए एम से 03:13 ए एम, 7 अक्टूबर
रोग: सुबह 03:13 ए एम से 04:45 ए एम, 7 अक्टूबर
काल: सुबह 04:45 ए एम से 06:17 ए एम, 7 अक्टूबर
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय 06.10.2026 |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश (यूपी) | लखनऊ | दोपहर 02:51 पी एम से शाम 04:19 पी एम |
| 2 | दिल्ली (एनसीआर) | नई दिल्ली | दोपहर 03:05 पी एम से शाम 04:33 पी एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 03:09 पी एम से शाम 04:36 पी एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 02:53 पी एम से शाम 04:22 पी एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 01:58 पी एम से 03:26 पी एम |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 02:08 पी एम से 03:36 पी एम |
| 7 | बिहार | पटना | दोपहर 02:34 पी एम से 04:02 पी एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 02:50 पी एम से शाम 04:19 पी एम |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 03:17 पी एम से शाम 04:47 पी एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 03:25 पी एम से शाम 04:54 पी एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 03:07 पी एम से शाम 04:35 पी एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 03:06 पी एम से शाम 04:33 पी एम |
| 13 | झारखंड | रांची | दोपहर 02:38 पी एम से 04:06 पी एम |
| 14 | कर्नाटक | बंगलुरु | दोपहर 03:07 पी एम से शाम 04:37 पी एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 03:09 पी एम से शाम 04:39 पी एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 03:05 पी एम से शाम 04:34 पी एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 03:22 पी एम से शाम 04:51 पी एम |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | दोपहर 01:59 पी एम से 03:27 पी एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 02:09 पी एम से 03:37 पी एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 02:03 पी एम से 03:31 पी एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 01:58 पी एम से 03:26 पी एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 02:37 पी एम से 04:05 पी एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 03:07 पी एम से शाम 04:35 पी एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 03:12 पी एम से शाम 04:41 पी एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 02:22 पी एम से 03:50 पी एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 02:56 पी एम से शाम 04:26 पी एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 02:58 पी एम से शाम 04:27 पी एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 02:07 पी एम से 03:35 पी एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 03:03 पी एम से शाम 04:31 पी एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 02:24 पी एम से 03:52 पी एम |
6 अक्टूबर 2026 एकादशी तिथि श्राद्ध मुहूर्त
कुतुप मुहूर्त: 11:48 ए एम से 12:36 पी एम
रौहिण मुहूर्त: 12:36 पी एम से 01:24 पी एम
अपराह्न काल: 01:24 पी एम से 03:48 पी एम
इंदिरा एकादशी व्रत का महत्व
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। पितृ पक्ष के दौरान पड़ने के कारण इस व्रत का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत श्रद्धापूर्वक करने और इसका पुण्य पितरों को समर्पित करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति में सहायता मिलती है। धार्मिक विश्वास के अनुसार यदि कोई पूर्वज अपने पूर्व कर्मों के कारण यमलोक में कष्ट भोग रहा हो, तो उसके निमित्त इंदिरा एकादशी का व्रत और पुण्य समर्पण करने से उसे इन कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। यही कारण है कि पितृ पक्ष में इस एकादशी को पूर्वजों की शांति और मोक्ष की कामना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।















































