रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मौजूदा अग्रिम मोर्चों पर लड़ाई रोकने की तैयारी जताई है। चार साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष ने यूक्रेन के कई हिस्सों को प्रभावित किया है और बड़ी संख्या में नागरिकों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जेलेंस्की ने कहा कि फिलहाल युद्ध को वहीं रोक देना चाहिए, जहां दोनों देशों की सेनाएं मौजूद हैं। उनके इस प्रस्ताव का उद्देश्य तत्काल संघर्ष और हत्याओं को रोकने का रास्ता तलाशना है। हालांकि, इस बयान से यह स्पष्ट नहीं होता कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी औपचारिक समझौते पर सहमति बन गई है। फिलहाल यह यूक्रेन के राष्ट्रपति की ओर से युद्ध रोकने के संभावित तरीके पर दिया गया बयान है।
75 प्रतिशत क्षेत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर जेलेंस्की की सहमति: बुधवार को एक साक्षात्कार में जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या वह ऐसी शांति व्यवस्था स्वीकार करेंगे, जिसमें मौजूदा हालात को बरकरार रखा जाए और यूक्रेन के पास उसके देश का 75 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा बना रहे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल युद्ध को रोकना होगा और मौजूदा स्थिति पर विराम लगाना ही संघर्ष समाप्त करने का वास्तविक तरीका है। उन्होंने युद्धविराम और हत्याएं रोकने की बात करते हुए इस विकल्प के प्रति अपनी सहमति जताई। इस बयान के बाद यूक्रेन की संभावित समझौता नीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर यह चर्चा हो रही है कि क्या मौजूदा मोर्चों पर लड़ाई रोकने का अर्थ रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को फिलहाल वापस लेने की लड़ाई स्थगित करना होगा। हालांकि, जेलेंस्की ने यूक्रेन की जमीन औपचारिक रूप से रूस को सौंपने की घोषणा नहीं की है।
सुरक्षा गारंटी के लिए अमेरिका और यूरोपीय देशों से बातचीत: जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध रोकने के बाद यूक्रेन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोप के अन्य देशों के साथ सुरक्षा गारंटी का मुद्दा उठाएगा। यूक्रेन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि लड़ाई थमने के बाद देश की सुरक्षा बनी रहे। उनके बयान के मुताबिक, युद्धविराम के साथ सुरक्षा संबंधी भरोसा भी जरूरी है, ताकि देश के नागरिक भविष्य को लेकर निश्चितता महसूस कर सकें और पुनर्निर्माण का काम आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सुरक्षा गारंटी किस स्वरूप में मांगी जाएगी या अमेरिका तथा यूरोपीय देशों से किस तरह की प्रतिबद्धता अपेक्षित होगी। इस मुद्दे पर आगे होने वाली बातचीत शांति प्रक्रिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
95 लाख लोगों ने गंवाए घर, वापसी की उम्मीद: यूक्रेनी राष्ट्रपति ने युद्ध से प्रभावित नागरिकों की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि लगभग 95 लाख लोग अपने घर खो चुके हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो विदेशों में या यूक्रेन के दूसरे हिस्सों में रह रहे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि देश को इन लोगों की जरूरत है और उनकी इच्छा है कि वे वापस लौटें, यूक्रेन में रहें और देश के पुनर्निर्माण में योगदान दें। इतने बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन युद्ध के मानवीय प्रभावों को दर्शाता है। घरों से दूर रहने वाले नागरिकों की वापसी के लिए सुरक्षा, रहने की व्यवस्था और सामान्य जीवन बहाल करना अहम होगा। जेलेंस्की के बयान में विस्थापित लोगों को वापस लाने और यूक्रेन को फिर से खड़ा करने की जरूरत को युद्ध रोकने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा सकता है।
मौजूदा मोर्चों पर विराम का अर्थ स्थायी क्षेत्रीय समझौता नहीं: युद्ध की वर्तमान स्थिति पर लड़ाई रोकने का प्रस्ताव और यूक्रेन के क्षेत्रों पर अंतिम निर्णय दो अलग-अलग विषय हैं। यदि दोनों सेनाएं अपनी मौजूदा तैनाती वाली जगहों पर रुक जाती हैं, तो तत्काल संघर्ष कम हो सकता है, लेकिन इससे अपने आप क्षेत्रीय विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो जाएगा। जेलेंस्की के बयान में फिलहाल युद्ध रोकने की बात कही गई है, न कि यूक्रेन की संप्रभुता से जुड़े दावों को औपचारिक रूप से छोड़ने की। इसी वजह से यह सवाल अभी खुला है कि किसी संभावित समझौते में नियंत्रण रेखा, कब्जे वाले क्षेत्रों और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह तय किया जाएगा। रूस की प्रतिक्रिया और यूक्रेन के सहयोगी देशों की भूमिका इस प्रस्ताव के आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
पुनर्निर्माण और शांति की राह में कई सवाल बाकी: जेलेंस्की के बयान से युद्ध रोकने और देश के पुनर्निर्माण की दिशा में पहल करने की इच्छा सामने आई है, लेकिन शांति समझौते तक पहुंचने के लिए कई मुद्दों पर सहमति जरूरी होगी। इनमें मौजूदा मोर्चों पर सेनाओं की स्थिति, यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी, विस्थापित नागरिकों की वापसी और युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों का भविष्य शामिल हैं। अमेरिका और यूरोप से सुरक्षा संबंधी आश्वासन हासिल करने की जेलेंस्की की योजना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। इसके साथ ही रूस का रुख और युद्ध समाप्त करने में अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की भूमिका भी मायने रखेगी। फिलहाल यूक्रेन के राष्ट्रपति ने संघर्ष रोकने के लिए मौजूदा स्थिति को आधार बनाने की तैयारी जताई है, लेकिन स्थायी शांति की शर्तें और संभावित समझौते का स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं हैं।













































