8 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी। इस दिन त्रयोदशी तिथि में दिवंगत हुए परिजनों का श्राद्ध किया जाएगा और मासिक शिवरात्रि का व्रत भी रखा जाएगा। गुरुवार को शुक्ल योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ऐसे में धार्मिक दृष्टि से दिन का महत्व बढ़ जाता है। आइए जानते हैं 8 अक्टूबर का पंचांग, तिथि-नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चौघड़िया का समय।
आज का पंचांग विवरण
वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: आश्विन मास
तिथि: कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:15 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 09:21 बजे तक, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी
योग: शुक्ल योग मध्यरात्रि बाद 12:58 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग
सूर्य राशि: कन्या राशि
चंद्र राशि: सिंह राशि, अगले दिन तड़के 03:18 बजे तक, इसके बाद कन्या राशि
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
करण: गर करण प्रातः 10:43 बजे तक, इसके बाद वणिज
दिशाशूल: दक्षिण दिशा, इसलिए आज दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित माना गया है
8 अक्टूबर 2026 के प्रमुख पंचांग विवरण
त्रयोदशी तिथि: 8 अक्टूबर 2026 को रात 10 बजकर 17 मिनट तक
शुक्ल योग: 8 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजकर 59 मिनट तक
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र: 8 अक्टूबर को रात 9 बजकर 21 मिनट तक
विशेष: त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध और मासिक शिवरात्रि व्रत
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:53 ए एम से 05:42 ए एम तक
प्रातः सन्ध्या: 05:18 ए एम से 06:31 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त: 12:02 पी एम से 12:50 पी एम तक
विजय मुहूर्त: 02:24 पी एम से 03:12 पी एम तक
गोधूलि मुहूर्त: 06:21 पी एम से 06:45 पी एम तक
कुतुप मुहूर्त: 11:45 ए एम से 12:32 पी एम तक
अभिजीत मुहूर्त: 11:45 बजे से 12:32 बजे तक
अमृत काल: 03:01 बजे से 04:36 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
यमगण्ड काल: प्रातः 06:18 बजे से 07:45 बजे तक
वर्ज्यम्: प्रातः 05:32 बजे से 07:07 बजे तक
भद्रा (विष्टि करण): रात्रि 10:15 बजे से अगले दिन सुबह तक
गुलिक काल: प्रातः 09:13 बजे से 10:41 बजे तक
सूर्य और चंद्र समय
सूर्योदय: प्रातः 06:18 बजे
सूर्यास्त: सायं 05:59 बजे
चन्द्रोदय: मध्यरात्रि के बाद 04:54 बजे
चन्द्रास्त: सायं 04:29 बजे
दिन की चौघड़िया
शुभ: सुबह 06:18 बजे से 07:45 बजे तक
चर: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक
लाभ: दोपहर 12:08 बजे से 01:36 बजे तक
अमृत: दोपहर 01:36 बजे से 03:04 बजे तक
शुभ: शाम 04:32 बजे से 05:59 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
अमृत: शाम 05:59 बजे से रात 07:32 बजे तक
चर: रात 07:32 बजे से 09:04 बजे तक
लाभ: मध्यरात्रि 12:09 बजे से रात 01:42 बजे तक, 09 अक्टूबर
शुभ: रात 03:14 बजे से सुबह 04:46 बजे तक, 09 अक्टूबर
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी/मुख्य शहर | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 01:21 बजे से 02:49 बजे तक |
| 2 | दिल्ली (NCR) | नई दिल्ली | दोपहर 01:36 बजे से 03:03 बजे तक |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 01:41 बजे से 03:07 बजे तक |
| 4 | बिहार | पटना | दोपहर 01:05 बजे से 02:34 बजे तक |
| 5 | मध्य प्रदेश | भोपाल (इन्दौर) | दोपहर 01:42 बजे से 03:10 बजे तक |
| 6 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 01:42 बजे से 03:09 बजे तक |
| 7 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 01:54 बजे से 03:23 बजे तक |
| 8 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 12:52 बजे से 02:21 बजे तक |
| 9 | कर्नाटक | बंगलुरु | दोपहर 01:36 बजे से 03:06 बजे तक |
| 10 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 01:25 बजे से 02:55 बजे तक |
| 11 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 01:32 बजे से 03:01 बजे तक |
| 12 | गुजरात | गांधीनगर (अहमदाबाद) | दोपहर 01:55 बजे से 03:23 बजे तक |
| 13 | पंजाब / हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 01:37 बजे से 03:04 बजे तक |
| 14 | असम | दिसपुर (गुवाहाटी) | दोपहर 12:38 बजे से 02:06 बजे तक |
| 15 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 01:02 बजे से 02:31 बजे तक |
| 16 | आंध्र प्रदेश | अमरावती (विशाखापट्टनम) | दोपहर 01:13 बजे से 02:42 बजे तक |
| 17 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 01:19 बजे से 02:47 बजे तक |
| 18 | झारखंड | रांची | दोपहर 01:07 बजे से 02:36 बजे तक |
| 19 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 01:34 बजे से 03:01 बजे तक |
| 20 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 01:36 बजे से 03:03 बजे तक |
| 21 | केरल | तिरुवनंतपुरम (कोच्चि) | दोपहर 01:42 बजे से 03:12 बजे तक |
| 22 | गोवा | पणजी | दोपहर 01:53 बजे से 03:22 बजे तक |
| 23 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 12:44 बजे से 02:12 बजे तक |
| 24 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 12:40 बजे से 02:08 बजे तक |
| 25 | मणिपुर | इंफाल | दोपहर 12:36 बजे से 02:04 बजे तक |
| 26 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 12:34 बजे से 02:02 बजे तक |
| 27 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 12:31 बजे से 01:59 बजे तक |
| 28 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 12:41 बजे से 02:09 बजे तक |
| 29 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 12:53 बजे से 02:21 बजे तक |
त्रयोदशी तिथि श्राद्ध और मासिक शिवरात्रि व्रत
8 अक्टूबर को त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार जिन लोगों का निधन किसी भी महीने की किसी भी पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध इसी तिथि पर किया जाता है। माना जाता है कि त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत भी रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत से पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है तथा योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के योग बनते हैं। जो लोग व्रत रखने में असमर्थ हों, वे भगवान शिव के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। श्रद्धा के साथ शिव मंत्रों का जप करने से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
















































