30 सितंबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और बुधवार का दिन है। आज चतुर्थी तिथि दोपहर 02:56 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। पितृपक्ष में आज उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाएगा, जिनका निधन किसी भी माह के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ हो। दिन में वज्र योग का प्रभाव रहेगा और कृतिका नक्षत्र पूरे दिन-रात बना रहेगा। चंद्रमा दोपहर 01:13 बजे तक मेष राशि में रहने के बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। जानिए बुधवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
प्रमुख पंचांग विवरण
वार: बुधवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी संवत्सर)
शक संवत: 1948 (पराभव)
मास: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्थी तिथि दोपहर 02:56 बजे तक, इसके बाद पंचमी तिथि
नक्षत्र: कृतिका नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात, अगले दिन सुबह 06:03 बजे तक
योग: वज्र योग रात 12:21 बजे तक
सूर्य राशि: कन्या राशि
चंद्र राशि: मेष राशि में दोपहर 01:13 बजे तक, इसके बाद वृषभ राशि
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:37 ए एम से 05:25 ए एम
प्रातः सन्ध्या: 05:01 ए एम से 06:13 ए एम
अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं
विजय मुहूर्त: 02:10 पी एम से 02:58 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:08 पी एम से 06:33 पी एम
सायाह्न सन्ध्या: 06:08 पी एम से 07:21 पी एम
अमृत काल: 03:48 ए एम से 05:17 ए एम,
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दिल्ली मानक समय के अनुसार दोपहर 12:11 पी एम से 01:40 पी एम तक
यमगण्ड: सुबह 07:43 ए एम से 09:12 ए एम तक
गुलिक काल: सुबह 10:41 ए एम से दोपहर 12:11 पी एम तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:47 ए एम से दोपहर 12:35 पी एम तक
वर्ज्यम्: शाम 06:49 पी एम से रात 08:19 पी एम तक
दिशाशूल: उत्तर दिशा
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय: प्रातः 06:13 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:08 बजे
चन्द्रोदय: रात्रि 08:30 बजे
चन्द्रास्त: 1 अक्टूबर को सुबह 09:48 बजे
दिन की चौघड़िया
लाभ: सुबह 06:13 से 07:42 बजे तक
अमृत: सुबह 07:42 से 09:12 बजे तक
काल: सुबह 09:12 से 10:41 बजे तक
शुभ: सुबह 10:41 से दोपहर 12:11 बजे तक
रोग: दोपहर 12:11 से 01:40 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 01:40 से 03:10 बजे तक
चर: दोपहर 03:10 से शाम 04:39 बजे तक
लाभ: शाम 04:39 से 06:08 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
उद्वेग: शाम 06:08 से रात 07:39 बजे तक
शुभ: रात 07:39 से 09:10 बजे तक
अमृत: रात 09:10 से 10:40 बजे तक
चर: रात 10:40 से मध्यरात्रि 12:11 बजे तक
रोग: मध्यरात्रि 12:11 से रात 01:41 बजे तक
काल: रात 01:41 से तड़के 03:12 बजे तक
लाभ: तड़के 03:12 से सुबह 04:43 बजे तक
उद्वेग: सुबह 04:43 से 06:14 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय (30.09.2026) |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 11:56 बजे से 01:25 बजे तक |
| 2 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 12:19 बजे से 01:48 बजे तक |
| 3 | दिल्ली (एनसीटी) | नई दिल्ली | दोपहर 12:11 बजे से 01:40 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 11:57 बजे से 01:26 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 11:03 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | सुबह 11:10 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 11:37 बजे से दोपहर 01:06 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 11:54 बजे से 01:23 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 12:19 बजे से 01:49 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 12:31 बजे से 02:00 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 12:13 बजे से 01:42 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 12:12 बजे से 01:41 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 11:42 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बंगलुरु | दोपहर 12:07 बजे से 01:37 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 12:08 बजे से 01:38 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 12:12 बजे से 01:41 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 12:26 बजे से 01:56 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | सुबह 11:01 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 11:12 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 11:04 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 10:59 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 11:41 बजे से दोपहर 01:10 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 12:13 बजे से 01:42 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 12:22 बजे से 01:51 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 11:24 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 11:57 बजे से 01:27 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 12:02 बजे से 01:31 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 11:08 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 12:10 बजे से 01:39 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 11:27 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक |
चतुर्थी श्राद्ध: पितृपक्ष में चतुर्थी तिथि पर उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनका निधन किसी भी महीने के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ हो। मान्यता के अनुसार इस तिथि पर विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करने से व्यक्ति को शत्रुओं से होने वाले संभावित अहित के संकेत पहले से मिलने की क्षमता प्राप्त होती है और वह परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहकर अपने कार्य कर पाता है। इसलिए जिन पूर्वजों का स्वर्गवास चतुर्थी तिथि को हुआ हो, उनके निमित्त आज श्रद्धापूर्वक श्राद्ध कर्म करना विशेष माना जाता है।














































