एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी के मैदान पर भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है और अब पुरुष टीम ने भी कंपाउंड स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। महिलाओं की सफलता के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल मुकाबले में चीन की टीम को कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच लगातार कड़ा संघर्ष देखने को मिला और भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच अपने प्रदर्शन को बनाए रखा। फाइनल में चीन के खिलाफ खेलते हुए भारतीय टीम तीसरे गेम तक एक अंक से पीछे चल रही थी, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था। इसके बाद भारतीय टीम ने आखिरी गेम में शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख अपने पक्ष में कर लिया और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही।
फाइनल में रोमांचक मुकाबला: चीन के खिलाफ पुरुष कंपाउंड टीम का फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद करीबी रहा। तीसरे गेम तक भारतीय टीम चीन से एक अंक पीछे थी और ऐसे में आखिरी गेम भारतीय खिलाड़ियों के लिए निर्णायक बन गया। मुकाबले में मामूली अंतर होने के कारण प्रत्येक अंक का महत्व बढ़ गया था और भारतीय टीम को अंतिम चरण में बेहतर प्रदर्शन की जरूरत थी। चौथे और आखिरी गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने इसी दबाव के बीच अपनी स्थिति मजबूत की और बढ़त हासिल करने का मौका बनाया। भारतीय टीम ने अंतिम गेम में अपने प्रदर्शन को बेहतर करते हुए चीन को पीछे छोड़ दिया और अंत में 238-237 के स्कोर के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस एक अंक के अंतर से मिली जीत ने भारतीय टीम को कंपाउंड स्पर्धा में स्वर्ण पदक दिला दिया।
एक अंक से मिली स्वर्णिम जीत: भारतीय पुरुष टीम और चीन के बीच फाइनल का नतीजा इस बात को दर्शाता है कि मुकाबला कितना करीबी रहा। तीसरे गेम तक चीन के मुकाबले एक अंक पीछे रहने के बाद भारतीय टीम ने अंतिम गेम में वापसी की और निर्णायक बढ़त हासिल की। पूरे मुकाबले में दोनों टीमों के बीच अंतर बहुत कम रहा, लेकिन आखिरी चरण में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 238 अंक बनाए, जबकि चीन की टीम 237 अंक तक पहुंच सकी। इसी स्कोर के आधार पर भारत ने फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने दबाव वाले मुकाबले में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और आर्चरी में भारत के पदकों की संख्या को भी आगे बढ़ाया।
आर्चरी में तीसरा स्वर्ण: पुरुष कंपाउंड टीम की इस जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी के इवेंट में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक हो गया है। इससे पहले महिलाओं के वर्ग में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की सफलता देखने को मिली थी और अब पुरुष टीम ने भी स्वर्ण अपने नाम कर भारतीय अभियान को और मजबूत किया है। आर्चरी में लगातार मिल रही इन सफलताओं से भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन चर्चा में है। पुरुष टीम की चीन पर मिली जीत खास तौर पर महत्वपूर्ण रही, क्योंकि फाइनल में मुकाबला आखिरी चरण तक बराबरी के करीब बना रहा और भारतीय टीम ने एक अंक के अंतर से जीत दर्ज की। आर्चरी के इस इवेंट में भारत के खाते में तीसरा स्वर्ण आने से पदक अभियान को भी नई मजबूती मिली है।
भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या दहाई में: आर्चरी में पुरुष टीम के स्वर्ण पदक जीतने के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल स्वर्ण पदकों की संख्या भी अब दहाई के आंकड़े तक पहुंच गई है। भारतीय दल के खाते में स्वर्ण पदकों की कुल संख्या 10 हो गई है और इस उपलब्धि के बाद पदक अभियान में उत्साह और बढ़ गया है। खास बात यह है कि आर्चरी के अभी कुछ और इवेंट बाकी हैं, जिनमें भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद बनी हुई है। ऐसे में आर्चरी के आगामी मुकाबलों पर भी भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर रहेगी। पुरुष कंपाउंड टीम की चीन के खिलाफ जीत ने इस अभियान को और मजबूत करते हुए भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाया है।
आगे भी स्वर्ण की उम्मीद: एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी से भारत को लगातार अच्छे नतीजे मिल रहे हैं और पुरुष कंपाउंड टीम की स्वर्ण पदक जीत ने इस प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी है। चीन के खिलाफ 238-237 की रोमांचक जीत के बाद अब आर्चरी में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या तीन हो चुकी है। वहीं कुल स्वर्ण पदकों का आंकड़ा भी 10 तक पहुंच गया है। अभी आर्चरी के कुछ और इवेंट खेले जाने बाकी हैं, इसलिए भारतीय दल के पास अपने स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर मौजूद है। महिलाओं के बाद पुरुष टीम की इस सफलता ने भारतीय आर्चरी अभियान को और मजबूती दी है और आने वाले मुकाबलों में भी भारत से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।














































