उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इसमें व्यवधान डालने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और असत्य खबरों का तुरंत खंडन करने के निर्देश दिए ताकि राज्य में शांति व्यवस्था बनी रहे।
सीमावर्ती राज्यों से मिला सहयोग: कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एडीजी मेरठ ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कांवड़ यात्रा के सुगम संचालन हेतु सीमावर्ती राज्यों से पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद ने बताया कि जिले से अब तक 70 हजार से अधिक श्रद्धालु गुजर चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल और स्वयंसेवक पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं और आने वाले एक-दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बरेली उर्स और सामाजिक समरसता: मुख्यमंत्री ने बरेली में आयोजित होने वाले आला हजरत उर्स और कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए। उन्होंने उर्स के दौरान इस्लामिक समुदाय द्वारा शिवभक्तों की आस्था का सम्मान करते हुए शाकाहारी भोजन वितरण की व्यवस्था करने की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आयोजनों को सीमित दायरे में रखकर पारस्परिक सम्मान का जो परिचय दिया गया है, वह सामाजिक सौहार्द का अनुकरणीय उदाहरण है। किसी भी धार्मिक आयोजन में उपद्रव और अराजकता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महिला सुरक्षा हेतु सख्त कदम: महिलाओं के खिलाफ घटित अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए। राज्य में तैनात 45 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय ड्यूटी लगाने, संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग करने और शोहदों की पहचान सार्वजनिक करने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को उर्वरक की उपलब्धता: प्रदेश में किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि खतौनी का सत्यापन करने के बाद ही पारदर्शी तरीके से खाद का वितरण किया जाए ताकि असली किसानों को ही इसका लाभ मिले। पैक्स केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नेपाल सीमा के पास स्थित जनपदों पर विशेष नजर रखने को कहा गया ताकि उर्वरकों की कालाबाजारी या तस्करी की कोई भी आशंका न रहे।
बाढ़ राहत एवं अन्य दिशा-निर्देश: बलिया, उन्नाव और बाराबंकी सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री और मदद तुरंत पहुंचाने के आदेश दिए। नदियों के कटान से प्रभावित परिवारों को भूमि का पट्टा और आवास देने का निर्देश दिया गया। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत केवल पूरी तरह से फिट पाए गए वाहनों को ही चलाने की अनुमति देने और चालकों का अनिवार्य सत्यापन कराने को कहा गया। अंत में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की जरूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही एक विस्तृत ‘युवा नीति’ लागू की जाएगी।













































