दक्षिण और मध्य एशिया के कई हिस्सों में 21 से 24 अक्टूबर के बीच भूकंपीय गतिविधियों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, म्यांमार, चीन और चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में अलग-अलग तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। उपलब्ध विवरण में 24 घंटे के भीतर 40 से अधिक भूकंपीय घटनाओं का उल्लेख है। इनमें सबसे विनाशकारी घटना तिब्बत में 22 अक्टूबर की रात आई 7.0 तीव्रता का भूकंप रही, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और 76 लोग घायल हुए। इस घटना के बाद 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सैकड़ों मकानों के ढहने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई। तिब्बत में इसके बाद भी कई बार धरती कांपी और शनिवार सुबह 4.7 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया। हालांकि, सभी देशों में आए झटकों से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
तिब्बत में विनाशकारी भूकंप के बाद शनिवार सुबह फिर झटका: चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में शनिवार सुबह 5 बजकर 38 मिनट के आसपास आए भूकंप की तीव्रता अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 4.7 और भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने 4.5 मापी। इसका केंद्र नागकू शहर से लगभग 215 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तथा जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया है। इससे पहले गुरुवार रात स्थानीय समय के अनुसार लगभग 10 बजकर 33 मिनट पर नागकू शहर की बाकेन काउंटी में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। उस भूकंप में 16 लोगों की जान गई और 76 लोग घायल हुए। 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि शुरुआती जानकारी के अनुसार 330 से अधिक मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए। शनिवार के ताजा झटके से किसी नए नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी लगातार भूकंप आने से पहले से प्रभावित लोगों में चिंता बनी हुई है और राहतकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
तिब्बत में दर्ज हुए लगातार झटके, कई बार चार से अधिक रही तीव्रता: 22 अक्टूबर को तिब्बत में शाम 6 बजकर 37 मिनट पर 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। रात 8 बजकर 3 मिनट पर 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली झटका आया। इसके बाद रात 8 बजकर 42 मिनट, 9 बजकर 9 मिनट और 9 बजकर 27 मिनट पर 5.0 तीव्रता के झटके महसूस हुए। रात 9 बजकर 47 मिनट पर 4.8, 9 बजकर 51 मिनट पर 4.6 और रात 10 बजकर 20 मिनट, 10 बजकर 28 मिनट तथा 10 बजकर 40 मिनट पर 4.7 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। रात 11 बजकर 17 मिनट पर 4.3, 11 बजकर 36 मिनट पर 4.8 और 11 बजकर 55 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। 23 अक्टूबर को रात 12 बजकर 1 मिनट पर 4.3 तीव्रता का झटका दर्ज हुआ। उसी दिन सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर 4.2, 5 बजकर 54 मिनट पर 4.4, 6 बजकर 19 मिनट पर 3.9, 7 बजकर 46 मिनट पर 4.0, 8 बजकर 23 मिनट पर 4.6, 8 बजकर 43 मिनट पर 4.1 और दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इन घटनाओं के बीच शनिवार सुबह भी नया झटका दर्ज हुआ।
भारत के कई राज्यों में हल्के भूकंप, पाकिस्तान में 4.9 तीव्रता: भारत में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नागालैंड में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के चंद्रपुर में 2.9 तीव्रता के झटके महसूस हुए, जबकि हिमाचल प्रदेश के चंबा में 2.3 और शिमला में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया। 23 अक्टूबर की सुबह बेंगलुरु में 3.0 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। पाकिस्तान में 23 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 56 मिनट पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। अफगानिस्तान में 22 अक्टूबर को सुबह 3 बजे 3.5 तीव्रता और दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर 4.7 तीव्रता के झटके महसूस हुए। इसके बाद 23 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेपाल में 22 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 24 मिनट पर 3.2 तीव्रता का झटका आया। इन देशों में दर्ज घटनाओं के कारण कई क्षेत्रों में धरती के भीतर हलचल महसूस की गई, हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन झटकों से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की पुष्टि नहीं है।
चीन और म्यांमार में भी कई बार महसूस हुए झटके: चीन के विभिन्न हिस्सों में 22 अक्टूबर की रात 8 बजकर 29 मिनट पर 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद रात 9 बजकर 27 मिनट पर 5.0 और रात 10 बजकर 15 मिनट पर 4.9 तीव्रता के झटके आए। 23 अक्टूबर को रात 12 बजकर 35 मिनट पर 4.3, सुबह 2 बजकर 6 मिनट पर 4.5 और सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर 4.4 तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए। म्यांमार में 23 अक्टूबर को रात 12 बजकर 51 मिनट पर 3.5 तीव्रता का झटका आया। इसके बाद रात 2 बजकर 15 मिनट पर 3.3 और सुबह 11 बजकर 18 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। इस अवधि में तिब्बत और चीन में लगातार दर्ज हुई घटनाओं के साथ भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल में भी भूकंप आए। उपलब्ध आंकड़ों में इन सभी देशों में मिलाकर 40 से अधिक झटकों का उल्लेख है। हालांकि, इन घटनाओं को एक ही कारण से जोड़ने की पुष्टि नहीं की गई है और हर स्थान पर नुकसान की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
उपग्रहों और मानवरहित विमानों से चल रहा बचाव अभियान: तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद चीन ने जीवित बचे लोगों की तलाश, प्रभावित इलाकों की तस्वीरें जुटाने और आपातकालीन संचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उपग्रहों तथा मानवरहित विमानों को तैनात किया है। राहत कार्यों के लिए पांच करोड़ युआन और पुनर्वास के लिए तीन करोड़ युआन की अतिरिक्त राशि निर्धारित की गई है। प्रभावित क्षेत्र में छिंगहाई-तिब्बत रेलवे पर यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन शुक्रवार सुबह कम गति से फिर शुरू कर दिया गया था। तिब्बती पठार भारतीय और यूरेशियाई भूगर्भीय प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप का खतरा बना रहता है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन करने और राहत उपलब्ध कराने में जुटा है। शनिवार सुबह के भूकंप से फिलहाल किसी नए नुकसान की सूचना नहीं है। लगातार झटकों के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में सावधानी बरती जा रही है और राहत तथा पुनर्वास कार्य जारी हैं।
















































