भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चार राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया गया है। ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर के नागरिकों के लिए यह सूची सुधारने का एक बेहतरीन मौका है। इसके तहत अब इन राज्यों में 30 मई से लोगों के नाम दर्ज करने का काम शुरू हो चुका है। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस तीसरे चरण को बेहद सुव्यवस्थित किया गया है। चारों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मसौदा सूची की तैयारी: चुनाव आयोग इस समय नए और छूटे हुए मतदाताओं को सूची में जोड़ने पर ध्यान दे रहा है। जो लोग 28 जून तक अपना फॉर्म जमा कर देंगे उनका नाम आगामी सूची में शामिल होगा। इन लोगों के नाम आने वाली नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अनिवार्य रूप से शामिल कर लिए जाएंगे। इन चारों राज्यों में 30 मई से मतदाताओं की गिनती और सत्यापन का काम शुरू हो गया है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले एक शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है।
बीएलओ की जमीनी भूमिका: बूथ स्तर के अधिकारी इस पूरी सुधार प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर सभी मौजूदा मतदाताओं को फॉर्म दे रहे हैं ताकि कोई भी छूट न पाए। मतदाता इन फॉर्मों को भरकर सीधे बीएलओ के जरिए या फिर खुद ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। जिन लोगों के फॉर्म 28 जून 2026 तक चुनाव अधिकारी (ERO) के पास पहुंच जाएंगे उनके नाम शामिल होंगे। इन सभी प्राप्त आवेदनों को जांच के बाद मसौदा वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा।
छूटे हुए लोगों के लिए विकल्प: चुनाव आयोग ने उन लोगों का भी पूरा ध्यान रखा है जो समय पर फॉर्म नहीं दे पाएंगे। जो लोग इस तारीख तक फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे वे बाद में भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे लोगों को दावा और आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 और घोषणा पत्र के जरिए आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि समय सीमा चूकने के बाद भी नागरिकों के पास एक अवसर रहे। इस वैकल्पिक चरण के दौरान भी प्राप्त सभी आवेदनों की गहनता से जांच की जाएगी।
एजेंट्स की सीमित क्षमता: इस काम को और तेजी से पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने एक नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंट्स (BLAs) को भी सरकारी अमले की मदद की अनुमति दी है। ये एजेंट्स आम जनता से हर दिन ज्यादा से ज्यादा केवल 50 फॉर्म ही इकट्ठा कर सकते हैं। इससे अधिक फॉर्म एक दिन में लेने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। एकत्रित किए गए इन सभी फॉर्मों को लिस्ट जारी होने से पहले बीएलओ को सौंपना होगा।
तीसरे चरण के राज्यवार आंकड़े: इस व्यापक सुधार अभियान के तहत चारों राज्यों के विस्तृत आंकड़े भी पूरी तरह जारी किए गए हैं। ओडिशा में 3,34,14,856 मतदाता, 38,123 बीएलओ और 8,391 बीएलए इस समय कार्य में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। मिजोरम में 8,75,008 मतदाताओं के लिए 1,353 बीएलओ तथा 3,430 बीएलए को इस काम पर लगाया गया है। सिक्किम में 4,71,077 मतदाताओं के बीच 572 बीएलओ और 681 बीएलए काम देख रहे हैं। वहीं मणिपुर में 20,92,140 मतदाताओं के लिए 2,996 बीएलओ और 5,003 बीएलए तैनात हैं।





































