फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड-१०७३ में हुई घटना को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल जा रहे इस विमान के सह-पायलट के ईरान से संबंध हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें यह जानकारी किस आधार पर मिली और न ही किसी प्रमाण या खुफिया जानकारी को सार्वजनिक किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने उनसे विमान घटना और सह-पायलट के संभावित ईरानी संबंध को लेकर सवाल किया था। ट्रंप ने कहा कि इस मामले पर अभी काम किया जा रहा है। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या ईरान से किसी तरह का संबंध होने की संभावना है, तो उन्होंने अपने पास मौजूद जानकारी के आधार पर इसका जवाब हां में दिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जांच अभी चल रही है।
संबंध की पुष्टि अभी बाकी: ट्रंप के बयान में ईरान और विमान घटना के बीच संभावित संबंध का संकेत जरूर मिला है, लेकिन फिलहाल इसे स्थापित तथ्य के रूप में सामने नहीं रखा गया है। राष्ट्रपति ने खुद कहा कि मामले पर अभी काम चल रहा है, जिससे स्पष्ट है कि जांच के कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सह-पायलट की पृष्ठभूमि, उसके संभावित संपर्क और विमान में हुई घटना के कारणों को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने संभावित ईरानी संबंध का उल्लेख किया है, लेकिन इसके समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस विवरण नहीं दिया है। ऐसे में इस मामले में जांच के निष्कर्ष आने तक संभावित संबंध को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ईरान को लेकर ट्रंप की चेतावनी: संभावित ईरानी भूमिका को लेकर पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि विमान घटना के पीछे ईरान का हाथ था, तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने इस सवाल के जवाब में कहा कि अगर ऐसा होता है तो ईरान को बहुत कड़ी मार पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को पता है कि क्या हुआ है। ट्रंप के इन बयानों से यह संकेत जरूर मिला कि यदि जांच में किसी तरह की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका की ओर से कड़े कदम की चेतावनी दी जा रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि संभावित कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा और वह किन परिस्थितियों में की जाएगी।
सह पायलट के सामाजिक माध्यम खातों की जांच: विमान घटना की जांच में ओमान के सह-पायलट को लेकर भी कई गंभीर दावे सामने आए हैं। एक इजरायली अधिकारी के मुताबिक, सह-पायलट के सामाजिक माध्यम खातों पर यहूदियों को मारने से जुड़ी बातें लिखे जाने के संकेत मिले हैं। अधिकारी ने यह भी दावा किया कि उसके खातों से कथित तौर पर कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले। इन दावों की जांच के दौरान सह-पायलट की पृष्ठभूमि और उसकी गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में उसके सामाजिक माध्यम खातों की सामग्री को भी महत्वपूर्ण जांच बिंदु माना जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विमान में हुई घटना के पीछे उसकी मानसिकता और उद्देश्य क्या था।
३४ हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ हमला: पूरी घटना तब हुई जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड-१०७३ हवा में थी। ओमान के सह-पायलट ने मुख्य पायलट कप्तान स्मित माछर पर चाकू से हमला कर दिया। उस समय विमान करीब ३४ हजार फीट की ऊंचाई पर था और हमले के बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। भारतीय मूल के कप्तान स्मित माछर इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस बनाए रखा। विमान में मौजूद यात्रियों और केबिन चालक दल की सहायता से हमलावर सह-पायलट को काबू करने की कोशिश की गई, ताकि विमान को सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सके।
तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा विमान: हमलावर सह-पायलट को काबू में किए जाने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना में एक तरफ चालक दल और यात्रियों के सामने उड़ान के दौरान गंभीर खतरा पैदा हुआ, वहीं दूसरी तरफ अब जांच में सह-पायलट की पृष्ठभूमि और उसके संभावित संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से संभावित संबंध की बात कही है, जबकि विमान घटना की जांच में सह-पायलट के सामाजिक माध्यम खातों और कथित विचारधारात्मक झुकाव को लेकर भी दावे सामने आए हैं। फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच जारी है और घटना के पीछे की पूरी वजह तथा संभावित संबंधों की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।













































