भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारूपों में टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि वह खिलाड़ी के तौर पर भारतीय टीम का हिस्सा बनी रहेंगी। उनके इस फैसले के बाद टीम की अगली कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है और स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने हाल ही में एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था। ऐसे समय में कप्तानी से हटने का उनका फैसला भारतीय महिला क्रिकेट के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कप्तानी का लंबा सफर: हरमनप्रीत कौर ने वर्ष 2016 में भारतीय महिला टीम की टी-20 कप्तानी संभाली थी। इसके बाद वर्ष 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्हें एकदिवसीय टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी मिली। करीब 37 वर्ष की उम्र में उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। भारतीय महिला क्रिकेट में लंबे समय तक नेतृत्व करने के दौरान उन्होंने टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में संभाला और कठिन परिस्थितियों में भी खिलाड़ियों का नेतृत्व किया। अब उनके कप्तानी से हटने के बाद टीम प्रबंधन के सामने नए कप्तान के चयन की चुनौती होगी।
भावुक संदेश में कही दिल की बात: कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत कौर ने अपने भावुक संदेश में कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने अपने कप्तानी के वर्षों को याद करते हुए बताया कि इस दौरान उन्होंने कई भावनाओं, त्याग और यादों को अपने साथ जोड़ा है। टीम के लिए उन्होंने अपना समय, मेहनत और पूरी ऊर्जा दी तथा कई मौकों पर टीम को व्यक्तिगत खेल और अपनी महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कप्तान के तौर पर कई फैसले ऐसे रहे जिन्हें हर कोई समझ नहीं पाया, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और अधिक से अधिक खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।
मुश्किल दौर और बड़ी सफलताओं की गवाह: हरमनप्रीत कौर ने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी के दौरान उन्होंने टीम के सबसे कठिन दौर भी देखे और सबसे बड़ी सफलताओं का हिस्सा भी बनीं। इस सफर में हार की निराशा, दिल टूटने वाले क्षण, आलोचना, संदेह और खराब दौर आए, लेकिन इसके साथ ऐसी उपलब्धियां भी मिलीं जिन्हें वह हमेशा याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ते समय उनका दिल भावुक है, लेकिन उन्हें इस बात की शांति है कि उन्होंने टीम के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। उनके अनुसार भारतीय महिला टीम के पास अब भी मजबूत प्रतिभा और आत्मविश्वास है और वह उसके भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।
नई भूमिका में टीम के साथ रहेंगी: कप्तानी से हटने के बावजूद हरमनप्रीत कौर ने साफ किया है कि भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर खत्म नहीं हुआ है। वह खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बनी रहेंगी और आने वाले समय में अपनी नई भूमिका में योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने अपने सफर को एक नए पन्ने की शुरुआत बताते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उनके इस फैसले के बाद स्मृति मंधाना को अगली कप्तान बनाए जाने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है, हालांकि अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से लिया जाएगा।
साथियों और समर्थकों का जताया आभार: हरमनप्रीत कौर ने अपने संदेश के अंत में टीम की खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ, प्रबंधन, भारतीय क्रिकेट बोर्ड और अपने परिवार के साथ प्रशंसकों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में जिन लोगों ने उनका साथ दिया, उनका योगदान हमेशा उनके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद भी वह भारतीय महिला क्रिकेट की यात्रा का हिस्सा बनी रहेंगी और आने वाले अध्याय को लेकर उत्साहित हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भारतीय महिला टीम की नई कप्तान के रूप में किसे जिम्मेदारी मिलती है और टीम नेतृत्व में यह बदलाव उसके अगले दौर को किस तरह प्रभावित करता है।
















































