वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव बना रहा और जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार की कमजोरी और बढ़ती गई। बैंकिंग और ऑटो कंपनियों के प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। खास तौर पर एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। दिन के कारोबार में निफ्टी 22,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया, जबकि सेंसेक्स भी 488 अंकों से ज्यादा टूट गया। इससे बाजार में शुरुआती कमजोरी के बाद दबाव और गहरा होने के संकेत मिले।
सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति: शुरुआती कारोबार में कमजोर रुझान के बाद बिकवाली का सिलसिला लगातार बना रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 488.35 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,283.37 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 146.05 अंक यानी 0.64 प्रतिशत फिसलकर 22,634.10 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में तेजी और गिरावट वाले शेयरों के बीच मुकाबला भी काफी करीबी रहा। करीब 920 शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए, जबकि 864 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा 174 शेयर ऐसे रहे जिनमें कोई खास बदलाव नहीं हुआ और वे पिछले स्तर के आसपास स्थिर बने रहे। इस तरह प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद बाजार के सभी शेयरों में एक जैसी कमजोरी नहीं दिखाई दी।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों की बिकवाली: मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, बैंकिंग और मेटल क्षेत्र से जुड़े शेयरों पर दिखाई दिया। ऑटो क्षेत्र में टाटा मोटर्स पीवी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे इस क्षेत्र पर दबाव और बढ़ा। निजी बैंकिंग क्षेत्र में भी बिकवाली का असर देखने को मिला और एचडीएफसी बैंक तथा आईसीआईसीआई बैंक के शेयर कमजोर पड़ गए। बड़े और प्रमुख शेयरों में आई इस गिरावट का असर बाजार की समग्र दिशा पर भी पड़ा। इसके अलावा मेटल और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से जुड़े शेयर भी दबाव में रहे। बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील भी प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। इस तरह बाजार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों की कमजोरी प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाने वाले कारकों में रही।
फार्मा और चुनिंदा शेयरों ने संभाला मोर्चा: बाजार में जहां कई प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बना हुआ था, वहीं फार्मा क्षेत्र के शेयरों ने कुछ राहत देने का प्रयास किया। स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में खरीदारी के चलते डॉ. रेड्डीज लैब्स और सिप्ला के शेयर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एचसीएल टेक ने भी अपनी बढ़त बनाए रखी। इसके अलावा बिजली क्षेत्र और उपभोक्ता उत्पादों से जुड़े कुछ शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। एनटीपीसी और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में तेजी का रुख रहा। हालांकि चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के बावजूद व्यापक बाजार में बनी बिकवाली के दबाव को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सका और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बने रहे।
क्षेत्रवार कारोबार का हाल: क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो फार्मा को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निफ्टी फार्मा में 0.80 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 26,976.15 के स्तर पर मजबूत रहा। इसके विपरीत निफ्टी आईटी में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.55 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज में 0.52 प्रतिशत, निफ्टी एमएनसी में 0.45 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। इस क्षेत्रवार तस्वीर से पता चला कि बाजार में दबाव किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था और कई प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ कमजोरी दिखाई दे रही थी।
बाजार की दिशा पर दबाव: मंगलवार के कारोबार में कमजोर वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू स्तर पर बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की चाल को प्रभावित किया। निफ्टी का 22,700 के स्तर से नीचे फिसलना और सेंसेक्स का 488.35 अंक टूटना दिन के कारोबार में प्रमुख घटनाक्रम रहे। बड़े हैवीवेट शेयरों में गिरावट के कारण बाजार की धारणा कमजोर रही, जबकि फार्मा और कुछ चुनिंदा सूचना प्रौद्योगिकी, बिजली तथा उपभोक्ता शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संतुलित करने की कोशिश की। कुल मिलाकर कारोबार में तेजी और गिरावट वाले शेयरों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं रहा, लेकिन प्रमुख सूचकांकों पर बड़े शेयरों की कमजोरी का असर स्पष्ट दिखाई दिया।














































