वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच 1 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। घरेलू स्तर पर ऑटो और इंफ्रा शेयरों में भारी बिकवाली ने कारोबारी धारणा को प्रभावित किया और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 66.44 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,413.85 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 39.60 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटकर 22,580.85 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार की शुरुआती चाल से संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल खरीदारी के बजाय चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग शेयरों में मजबूती ने बाजार को ज्यादा फिसलने से रोकने में मदद की। शुरुआती मिनटों में बाजार में गिरावट का दायरा भी बढ़ा हुआ दिखाई दिया, जिससे कारोबारी माहौल में सतर्कता साफ नजर आई।
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव: कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद बाजार में तेजी और गिरावट वाले शेयरों का अंतर भी साफ दिखाई देने लगा। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक करीब 942 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,551 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 145 शेयर ऐसे रहे जिनकी कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह तेजी की तुलना में गिरावट वाले शेयरों की संख्या अधिक रही और बाजार का समग्र रुख सुस्ती की ओर बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत ज्यादा नजर आया। घरेलू स्तर पर ऑटो और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी ने बाजार की धारणा पर असर डाला, जबकि कुछ प्रमुख बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में खरीदारी ने सूचकांकों को संभालने का काम किया।
सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग ने दिया सहारा: बाजार के कमजोर माहौल के बीच सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 28,094.05 के स्तर पर मजबूत बना हुआ था। बैंकिंग क्षेत्र में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला और निफ्टी बैंक 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 54,789.55 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इन दोनों क्षेत्रों में मजबूती ने प्रमुख सूचकांकों पर बने दबाव को कुछ हद तक कम किया। दूसरी ओर कई अन्य क्षेत्रों में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया। निफ्टी इंफ्रा में 0.99 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.86 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.81 प्रतिशत, निफ्टी सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम में 0.79 प्रतिशत और निफ्टी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सूचकांक में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि शुरुआती कारोबार में क्षेत्रवार प्रदर्शन में काफी अंतर रहा।
बड़े शेयरों में खरीदारी और गिरावट: प्रमुख कंपनियों के शेयरों की बात करें तो कोटक महिंद्रा बैंक 2.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ शुरुआती कारोबार का सबसे बड़ा लाभ पाने वाला शेयर रहा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में इंफोसिस 1.56 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.35 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रही थीं। इसके अलावा एचडीएफसी लाइफ में 1.04 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 0.82 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन दिया। खास तौर पर बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े बड़े शेयरों की मजबूती का असर प्रमुख सूचकांकों पर दिखाई दिया। हालांकि बाजार की व्यापक तस्वीर अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं थी, क्योंकि कई अन्य बड़े शेयरों में बिकवाली बनी हुई थी और गिरावट वाले शेयरों की संख्या तेजी वाले शेयरों से काफी अधिक थी।
ऑटो शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव: शुरुआती कारोबार में ऑटो क्षेत्र सबसे ज्यादा दबाव में नजर आया और कई प्रमुख वाहन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बजाज ऑटो 5.52 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ सबसे कमजोर शेयरों में शीर्ष पर रहा। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3.05 प्रतिशत, आइशर मोटर्स में 2.54 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 2.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो क्षेत्र की इस कमजोरी ने बाजार की शुरुआती चाल पर खासा असर डाला। वहीं अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयर में 2.40 प्रतिशत और ग्रासिम के शेयर में 2.28 प्रतिशत की गिरावट रही। इस तरह वाहन क्षेत्र के साथ कुछ अन्य प्रमुख कंपनियों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। ऑटो और इंफ्रा शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की शुरुआती धारणा पर दबाव बना रहा, जबकि दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग के चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से गिरावट कुछ सीमित रही।
बाजार की शुरुआती तस्वीर: 1 अक्टूबर के शुरुआती कारोबार की पूरी तस्वीर देखें तो भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल तेजी और गिरावट के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा था। सेंसेक्स 72,413.85 और निफ्टी 22,580.85 के आसपास कारोबार कर रहे थे, जबकि व्यापक बाजार में 1,551 शेयरों की गिरावट के मुकाबले 942 शेयर ही बढ़त में थे। क्षेत्रीय स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग सूचकांकों ने मजबूती दिखाई, लेकिन ऑटो, इंफ्रा, फार्मा, रियल्टी, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से जुड़े शेयरों में दबाव रहा। प्रमुख शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की तेजी बाजार को सहारा दे रही थी, जबकि बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आइशर मोटर्स और मारुति सुजुकी समेत कई शेयरों की गिरावट ने दबाव बनाए रखा। इस तरह कारोबारी सत्र की शुरुआत मिश्रित संकेतों के साथ हुई, जिसमें चुनिंदा क्षेत्रों की मजबूती के बावजूद व्यापक स्तर पर बिकवाली का रुख हावी रहा।














































