आईपीओ को लेकर बड़ा अपडेट: डिजिटल सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Jio Platforms Limited का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलने की संभावना है। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कंपनी की शेयर बाजार में सूचीबद्धता अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक हो सकती है। प्रस्तावित आईपीओ का आकार करीब 3.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। यदि यह आकार बरकरार रहता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। कंपनी का संभावित उद्यम मूल्य 143 से 146 अरब डॉलर यानी 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। विदेशी निवेशकों से मिले सकारात्मक समर्थन के बाद कंपनी के शुरुआती मूल्यांकन को लेकर बाजार में काफी रुचि बनी हुई है। आईपीओ की तारीख, आकार और मूल्यांकन को लेकर अंतिम स्थिति कंपनी की ओर से दस्तावेज दाखिल किए जाने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
विदेशों में रोडशो पूरे: जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय रोडशो पूरे कर लिए हैं। बैंकिंग और बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार इन रोडशो का नेतृत्व जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने किया। कंपनी अब 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के पास आईपीओ से जुड़े अंतिम दस्तावेज दाखिल कर सकती है। कंपनी के प्रस्तावित निर्गम को लेकर विदेशों में निवेशकों के साथ हुई बातचीत से मिले समर्थन को शुरुआती मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जियो प्लेटफॉर्म्स को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है और कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है मूल्यांकन: विदेशी निवेशकों से मिले सकारात्मक समर्थन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का शुरुआती मूल्यांकन 143 से 146 अरब डॉलर यानी कम से कम 12 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई जा रही है। कंपनी भारत में भी आईपीओ को लेकर रोडशो आयोजित कर सकती है। बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दशहरा से पहले बड़े निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, जबकि दशहरा के बाद और 23 अक्टूबर से पहले आम निवेशकों के लिए आईपीओ खुल सकता है। इसके बाद अक्टूबर के अंत तक कंपनी के शेयरों की बाजार में सूचीबद्धता होने की उम्मीद है। यदि प्रस्तावित आकार और मूल्यांकन के साथ यह निर्गम बाजार में आता है, तो भारतीय शेयर बाजार में इसके आकार को लेकर यह एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।
27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की तैयारियां पहले ही नियामकीय स्तर पर आगे बढ़ चुकी हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने 28 अगस्त को कंपनी के आईपीओ से जुड़े अंतिम अवलोकन जारी कर दिए थे। इससे पहले कंपनी ने जून में आईपीओ के लिए आवश्यक दस्तावेज दाखिल किए थे। दाखिल किए गए मसौदा दस्तावेजों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रहा है। नए शेयरों की यह संख्या निर्गम के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9 प्रतिशत होगी। इस प्रस्तावित नए निर्गम के जरिए कंपनी पूंजी बाजार से बड़ी रकम जुटाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इसी वजह से निवेशकों तथा बाजार प्रतिभागियों की नजर इसके मूल्यांकन और अंतिम निर्गम आकार पर बनी हुई है।
वित्तीय प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा: वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा। इस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि सालाना राजस्व 14.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,46,885 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के मुनाफे और राजस्व में हुई इस वृद्धि को प्रस्तावित आईपीओ के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। इसके अलावा, शोध विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2029-30 के बीच रिलायंस जियो का मुनाफा करीब 18 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ सकता है। इस अनुमान के चलते कंपनी की भविष्य की कमाई क्षमता को लेकर भी बाजार में सकारात्मक नजरिया बना हुआ है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और प्रस्तावित बड़े निर्गम के कारण निवेशकों की निगाहें अब आईपीओ की अंतिम शर्तों पर टिकी हैं।
लिस्टिंग से पहले की तैयारियों पर नजर: जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अब अगले चरण में अंतिम दस्तावेज दाखिल करने, निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया शुरू करने और निर्गम की अंतिम तारीख तय होने पर ध्यान रहेगा। कंपनी 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में नियामक के पास अंतिम दस्तावेज दाखिल कर सकती है और इसके बाद दशहरा से पहले बड़े निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। आम निवेशकों के लिए निर्गम दशहरा के बाद लेकिन 23 अक्टूबर से पहले खुलने की संभावना जताई गई है। प्रस्तावित 3.8 अरब डॉलर के आकार, 143 से 146 अरब डॉलर के संभावित उद्यम मूल्य और 27 करोड़ नए शेयरों की योजना को देखते हुए यह निर्गम भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी के शेयरों की सूचीबद्धता अक्टूबर के अंत तक होने की उम्मीद है, हालांकि आईपीओ की अंतिम तारीख, मूल्यांकन और अन्य शर्तों की पुष्टि आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।















































