पोषक तत्वों का खजाना: मिक्स नट्स को सेहत के लिए पोषक खाद्य पदार्थों का पावरहाउस माना जाता है, क्योंकि इनमें स्वस्थ वसा, प्रोटीन, रेशे के साथ कई जरूरी विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। हालांकि इनके फायदे केवल शरीर को पोषण देने तक सीमित नहीं माने जाते, बल्कि नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों और उनकी कार्यप्रणाली को भी लाभ मिल सकता है। अखरोट, बादाम और दूसरे मेवों में मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र, यकृत, मस्तिष्क और हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं। इनके सेवन को नींद की गुणवत्ता और शरीर में होने वाली कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के जोखिम को कम करने से भी जोड़ा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार नट्स को रोजाना के भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इनका सेवन उचित मात्रा में करना जरूरी है, क्योंकि अधिक मात्रा में खाने के बजाय संतुलित सेवन से इनके पोषक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
आंत और बड़ी आंत के लिए लाभ: नियमित रूप से नट्स खाने को बड़ी आंत के कैंसर के जोखिम में कमी से जोड़कर देखा गया है। इनमें अखरोट पर विशेष रूप से अधिक अध्ययन किए गए हैं, क्योंकि इसमें रेशे, बहुफेनोल और स्वस्थ वसा पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों के संतुलन और बड़ी आंत के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। नट्स में मौजूद रेशा पाचन तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है और आंतों के बेहतर स्वास्थ्य में योगदान कर सकता है। अखरोट और दूसरे मेवों में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ आंतों के वातावरण को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि संतुलित आहार में उचित मात्रा में नट्स को शामिल करना आंतों की सेहत के लिहाज से उपयोगी विकल्प माना जाता है।
यकृत और वसा जमा होने की समस्या: नट्स का सेवन यकृत यानी लीवर की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इनमें असंतृप्त वसा, रेशे, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनका संबंध यकृत के बेहतर स्वास्थ्य से बताया जाता है। वसायुक्त यकृत की समस्या को लेकर हुए अध्ययनों में भी इन पोषक तत्वों का उल्लेख मिलता है। नट्स में मौजूद स्वस्थ वसा संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर शरीर के लिए उपयोगी हो सकती है। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट शरीर में होने वाली कोशिकीय क्षति से बचाव की प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं। इसलिए उचित मात्रा में बादाम, अखरोट और अन्य मेवों को आहार में शामिल करना यकृत के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी आहार आदतों में गिना जा सकता है।
मस्तिष्क और याददाश्त पर असर: नट्स के सेवन को मस्तिष्क के स्वास्थ्य और सोचने-समझने की क्षमता से भी जोड़ा गया है। नियमित रूप से उचित मात्रा में नट्स खाने से डिमेंशिया और मानसिक क्षमताओं में गिरावट के जोखिम को कम करने में मदद मिलने की बात सामने आई है। अखरोट और बादाम में विटामिन ई तथा बहुफेनोल पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव और उससे होने वाली क्षति से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। नट्स में मौजूद स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व भी मस्तिष्क के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। इस कारण उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने वाले संतुलित आहार में नट्स को शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
नींद और पित्त की पथरी से जुड़ा लाभ: अखरोट को बेहतर नींद के लिए भी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन और ट्रिप्टोफैन पाए जाते हैं। ये दोनों तत्व शरीर की नींद और जागने की प्राकृतिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित मात्रा में अखरोट का सेवन नींद की गुणवत्ता को बेहतर रखने वाली आहार आदतों का हिस्सा हो सकता है। इसके साथ ही नियमित रूप से नट्स खाने को पित्त की पथरी के जोखिम में कमी से भी जोड़ा गया है। अखरोट और दूसरे पेड़ पर उगने वाले मेवों में मौजूद पोषक तत्व रक्त में वसा के स्तर और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं। विशेष रूप से इनमें मौजूद स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व रक्त में हानिकारक माने जाने वाले एलडीएल कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं।
रोज कितनी मात्रा सही: दिनभर में लगभग 28 से 30 ग्राम यानी करीब एक मुट्ठी नट्स का सेवन सामान्य रूप से उचित मात्रा माना गया है। एक सप्ताह में लगभग 50 से 60 ग्राम नट्स खाने से शरीर को रेशे, स्वस्थ वसा, विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं, जो बड़ी आंत, यकृत, मस्तिष्क, नींद, हृदय और आंतों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। हालांकि नट्स पौष्टिक होने के बावजूद इनका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए और व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति तथा आहार संबंधी जरूरतों के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को अपनी दिनचर्या या भोजन में बड़ा बदलाव करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है। इसी तरह कोई नया व्यायाम कार्यक्रम शुरू करने, आहार में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने या किसी बीमारी के लिए किसी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
















































