हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित किया गया है वही शनिवार का दिन भगवान श्री शनिदेव की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है कल यानी 31 दिसंबर को साल 2022 का आखिरी शनिवार पड़ रहा है ऐसे में इस दिन भगवान श्री शनिदेव की आराधना के साथ साथ अगर कुछ उपायों को भी किया जाए तो नया साल खुशहाल बना रहेगा आने वाले साल में आपको परेशानियां छू भी नहीं पाएंगी

ऐसे में अगर आप नए साल को बेहतर बनाना चाहते हैं तो कल यानी 31 दिसंबर दिन शनिवार की शाम को शनि मंदिर में जाकर सरसों तेल का दीपक जलाएं तेल में काले तिल जरूर डालें इसके बाद शनि स्तोत्र का पाठ करें अगर मंदिर नहीं जा सकते हैं तो आप शनि देव का ध्यान करके शनि स्तोत्र का पाठ घर में भी कर सकते हैं इससे नया साल सुख समृद्धि सफलता और धन लेकर आएगा तो आज हम आपके लिए लेकर आए है श्री शनि स्तोत्र।

शनि स्तोत्र पाठ-
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च।
नम: कालाग्निरुपाय कृतान्ताय च वै नमः। 1
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते। 2
नम: पुष्कलगात्राय स्थुलरोम्णेऽथ वै नमः।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते। 3
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नमः।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने। 4
नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च। 5

अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तु ते। 6
तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नमः। 7
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज-सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रूष्टो हरसि तत्क्षणात्। 8
देवासुरमनुष्याश्र्च सिद्ध-विद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत:। 9
प्रसाद कुरु मे सौरे ! वारदो भव भास्करे।
एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल:। 10



































