मेनिफेस्टो में हुए खुलासे: White House डिनर फायरिंग के आरोपी Cole Allen के मेनिफेस्टो से कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। उसने इस दस्तावेज में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की हत्या करने के अपने मंसूबों को स्पष्ट रूप से जाहिर किया था, जो पुलिस को उसके एक रिश्तेदार के माध्यम से प्राप्त हुआ है।
धार्मिक और सामाजिक विचार: अपने 10 मिनट पहले भेजे गए मेनिफेस्टो में एलन ने लिखा, “दूसरा गाल आगे तब किया जाता है जब आप खुद सताए हुए हो।” उसने खुद को पीड़ितों की आवाज बताते हुए तर्क दिया कि जब दूसरे पीड़ित हों तो चुप रहना ईसाई आचरण के खिलाफ है और यह उत्पीड़क के अपराधों में शामिल होने जैसा है।
सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना: हमलावर ने Washington Hilton होटल में आयोजित कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को ‘बेहद खराब’ बताते हुए उसका कड़ा मजाक उड़ाया। उसने मेनिफेस्टो में लिखा कि कार्यक्रम स्थल पर घुसते ही उसे वहां घमंड नजर आया और वह कई हथियार लेकर अंदर चला गया, लेकिन किसी ने उसे खतरा नहीं माना।
ईरानी एजेंट होने का उदाहरण: एलन ने सुरक्षा में चूक की गंभीरता को दर्शाने के लिए कहा कि अगर वह अमेरिकी नागरिक के बजाय एक ईरानी एजेंट होता, तो वह आसानी से घातक ‘एम2 ब्राउनिंग’ जैसे हथियार अंदर ला सकता था। उसने इस स्तर की अक्षमता को ‘बेहद चौंकाने वाली’ करार दिया।
हमलावर की पृष्ठभूमि और जुड़ाव: जांच में सामने आया है कि California का रहने वाला Cole Allen पेशे से एक शिक्षक और कॉलेज का छात्र था। उसका संबंध ‘द वाइड अवेक्स’ (The Wide Awakes) नामक समूह से बताया गया है और माना जाता है कि उसने “नो किंग्स” (No Kings) विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया था।
एफबीआई की सघन जांच: इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और एफबीआई ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। अटॉर्नी जनरल की रिपोर्ट और आरोपी के बयानों को आधार बनाकर एलन के घर की तलाशी ली गई है, ताकि इस घटना से जुड़े अन्य संभावित सुराग जुटाए जा सकें।



































