होमगार्ड परीक्षा में जालसाजी का खुलासा उत्तर प्रदेश के पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित की जा रही होमगार्ड भर्ती परीक्षा- 2025 के दौरान पुलिस ने जालसाजी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बरेली जिले में एक ऐसे शातिर युवक को रंगे हाथों दबोचा है, जो किसी अन्य वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा कक्ष में बैठकर पेपर हल कर रहा था।
केंद्र प्रभारी की सतर्कता से पकड़ा गया प्रशासन के मुताबिक, रविवार को साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर यह अहम गिरफ्तारी हुई है। परीक्षा के दौरान वहां मौजूद केंद्र प्रभारी को एक युवक के हाव-भाव और गतिविधियों पर शक हुआ। अपनी सतर्कता दिखाते हुए प्रभारी ने बिना कोई देरी किए उस संदिग्ध युवक की गहन जांच करवाने का निर्णय लिया।
डेटा मैच न होने पर हुई गिरफ्तारी संदेह के आधार पर जब उस संदिग्ध अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया गया, तो उसका अंगूठे का निशान और डेटा असली परीक्षार्थी के रिकॉर्ड से बिल्कुल मैच नहीं हुआ। इसके बाद कड़ाई से की गई जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वह हरदोई जिले के टड़ियावां का निवासी अनुराग है, जो किसी और की जगह फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहा था।
एसएसपी ने दी जुर्म कुबूलने की जानकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने इस पूरी घटना की आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी अनुराग ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। उसने यह भी माना है कि यह उसका पहला फर्जीवाड़ा नहीं था।
शनिवार को भी दूसरे की जगह दी परीक्षा आरोपी के चौंकाने वाले खुलासे के अनुसार, उसने शनिवार को रिठौरा इलाके में स्थित दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर भी इसी तरह की सेंधमारी की थी। वहां उसने धर्मेंद्र सिंह नाम के एक असली अभ्यर्थी के एवज में बैठकर सफलतापूर्वक परीक्षा दी थी, लेकिन रविवार को दूसरे दिन उसी तरह की कोशिश करने पर वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
गिरोह की संलिप्तता की हो रही जांच पुलिस ने केंद्र प्रभारी निरीक्षक की ओर से मिली लिखित तहरीर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अनुराग के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। एसएसपी के निर्देश पर अब पुलिस टीम यह पता लगाने में गंभीरता से जुटी है कि इस जालसाजी में कोई बड़ा संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है और इस काम के लिए क्या सौदेबाजी हुई थी।


































