बंगाल में भाजपा की जीत: पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक और प्रचंड जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद राज्यपाल आरएन रवि द्वारा विधानसभा भंग किए जाने की सूचना सार्वजनिक की गई। यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करना ही स्वस्थ लोकतंत्र की सबसे बड़ी और अनिवार्य पहचान है।
ममता पर कटाक्ष: राजभर ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव हारने के बाद बौखलाहट में हैं। उनके द्वारा इस्तीफा न देने और संविधान की अवहेलना करने को उन्होंने एक गलत फैसला करार दिया। इसी कारण राज्यपाल को विवश होकर विधानसभा भंग करने का कड़ा संवैधानिक कदम उठाना पड़ा है। राजभर के अनुसार ममता बनर्जी का आचरण राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं रहा।
अराजकता का अंत: उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने गुंडा राज और हिंसा को खत्म करने के लिए वोट दिया है। भाजपा की नई सरकार कल शपथ लेगी और राज्य में कानून का शासन मजबूती से लागू करेगी। शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका खुलासा जल्द होगा। नई सरकार के आने से अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा होगा।
तमिलनाडु का मुद्दा: तमिलनाडु में टीवीके को पूर्ण बहुमत का समर्थन न मिलने पर भी राजभर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने विजय थलापति को फिलहाल सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है। टीवीके वहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालांकि कुछ सीटों का अंतर बहुमत से कम है। राजभर का मानना है कि सबसे बड़ा दल होने के नाते उन्हें मौका मिलना चाहिए।
राज्यपाल की भूमिका: तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह राज्यपाल के विवेकाधिकार पर निर्भर करता है। सबसे बड़ी पार्टी को बुलाकर सदन में बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाना एक लोकतांत्रिक परंपरा है। वहां सीटों का मामूली अंतर होने के कारण राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। राजभर ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल संविधान के अनुसार ही उचित फैसला लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
राष्ट्रवाद और धर्म: भारत की विविधता का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि यहाँ मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे सभी का सम्मान है। लेकिन वंदे मातरम जैसे राष्ट्रगीत पर विवाद खड़ा करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने ओवैसी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि भारत में रहने के लिए वंदे मातरम कहना अनिवार्य है। राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति सम्मान दिखाना ही सच्ची देशभक्ति है जिसे हर भारतीय को निभाना चाहिए।



































