एन. रंगासामी ने आज 13 मई को पुडुचेरी के नए मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद की गोपनीयता की शपथ ली। उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन ने राजभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए विधिवत नियुक्त किया। रंगासामी अब प्रदेश के मुखिया के तौर पर अपना पांचवां ऐतिहासिक कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। इस अवसर पर गठबंधन के वरिष्ठ नेता और कई गणमान्य अतिथि विशेष रूप से मौजूद रहे।
चुनावी सीटों का गणित: 2026 के विधानसभा चुनाव में रंगासामी के नेतृत्व वाली AINRC ने 16 सीटों पर लड़कर 12 सीटों पर जीत हासिल की है। उनकी सहयोगी पार्टी बीजेपी ने भी 4 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। गठबंधन में शामिल AIADMK और लाचित जननायगा काची ने भी एक-एक सीट जीतकर बहुमत का आंकड़ा 18 तक पहुंचाया। इस चुनावी नतीजे ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने फिर से रंगासामी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
पुराना राजनीतिक सफर: एन. रंगासामी ने 2001 से 2006 और फिर 2006 से 2008 तक कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री का पद संभाला था। साल 2011 में उन्होंने अपनी अलग पार्टी AINRC बनाकर सत्ता में वापसी की और तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उनका पिछला चौथा कार्यकाल पूरी तरह से गठबंधन की स्थिरता और लोक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने पर आधारित था। अब 2026 में मिली यह जीत उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और जन स्वीकार्यता का सीधा परिणाम है।
विपक्ष की स्थिति: 2021 के चुनावों में कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन को बड़ा झटका लगा था और वे मात्र 8 सीटों पर सिमट गए थे। उस दौरान एनडीए ने 16 सीटें जीतकर रंगासामी के नेतृत्व में पहली बार केंद्र शासित प्रदेश में गठबंधन सरकार बनाई थी। पिछले चुनावों में 6 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई थी लेकिन रंगासामी ने सबको साथ लेकर काम किया। विपक्ष की कमजोर स्थिति का सीधा फायदा एनडीए को अपनी नीतियों को लागू करने में लगातार मिलता रहा है।
गठबंधन की नई सरकार: पुडुचेरी में एक बार फिर से गठबंधन की सरकार का गठन हुआ है जो प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगी। रंगासामी ने हमेशा केंद्र के साथ समन्वय बनाकर प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। बीजेपी के साथ उनका गठबंधन पिछले कई सालों से प्रदेश की राजनीति में एक स्थिर विकल्प के रूप में उभरा है। इस नई सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में प्रदेश में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाना है।
नेतृत्व और चुनौतियां: पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद रंगासामी के सामने प्रदेश की विकास दर को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। उनकी पार्टी AINRC के कार्यकर्ता इस बड़ी जीत के बाद पूरे पुडुचेरी में जश्न मना रहे हैं और उत्साहित हैं। रंगासामी ने शपथ लेने के तुरंत बाद प्रशासन के साथ बैठक कर अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा शुरू कर दी है। पुडुचेरी की जनता को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में शांति और समृद्धि का नया दौर जारी रहेगा।



































