गुरुवार को भारी बिकवाली और निचले स्तर पर कारोबार समाप्त होने के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन निवेशकों की खरीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में बाजार का माहौल सकारात्मक नजर आया। बीएसई का सेंसेक्स खुलने के बाद 300 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 22,300 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा। बाजार में आई इस तेजी के पीछे सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी प्रमुख वजह रही। पिछले सत्र की गिरावट के बाद निवेशकों की सक्रियता से बाजार को सहारा मिला और कई प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के रुझान ने संकेत दिया कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं।
सेंसेक्स 71,914 और निफ्टी 22,349 के स्तर पर पहुंचा: शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजकर 16 मिनट पर सेंसेक्स 321 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71,914 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी दौरान निफ्टी 117 अंक यानी 0.53 प्रतिशत मजबूत होकर 22,349 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से अधिक रही। लगभग 1,151 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 770 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया विक्स भी 4.45 प्रतिशत टूटकर 14.25 पर आ गया। अस्थिरता सूचकांक में इस गिरावट को बाजार में तत्काल उतार-चढ़ाव की आशंका कम होने के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, ये आंकड़े शुरुआती कारोबार के हैं और पूरे कारोबारी सत्र में बाजार की दिशा बदल सकती है।
आईटी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी: सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र शुक्रवार की तेजी का प्रमुख केंद्र रहा और निफ्टी आईटी सूचकांक में 3 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। टीसीएस के शेयर 4.18 प्रतिशत चढ़कर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इंफोसिस में 2.83 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 2.70 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 2.03 प्रतिशत की तेजी आई। इन कंपनियों में खरीदारी से पूरे आईटी क्षेत्र को मजबूती मिली। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयर 2.31 प्रतिशत और मैक्स हेल्थकेयर के शेयर 2.11 प्रतिशत चढ़े। एचडीएफसी लाइफ में 1.50 प्रतिशत तथा एचडीएफसी बैंक में 1.16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटीसी के शेयर भी 1.45 प्रतिशत मजबूत हुए। क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक 0.97 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज सूचकांक 1.07 प्रतिशत ऊपर रहा, जिससे शुरुआती तेजी को कई क्षेत्रों से समर्थन मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक: शुक्रवार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 0.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिला कि शुरुआती कारोबार में निवेशकों की दिलचस्पी व्यापक बाजार में भी बनी हुई थी। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही और कुछ प्रमुख कंपनियां दबाव में कारोबार करती दिखाई दीं। कोल इंडिया के शेयर 0.88 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 0.76 प्रतिशत और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर 0.66 प्रतिशत नीचे रहे। बीईएल में 1.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह बाजार में एक ओर आईटी और कुछ अन्य क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी रही, वहीं दूसरी ओर चुनिंदा बड़ी कंपनियों में बिकवाली भी जारी रही।
आईटी क्षेत्र की मजबूती से बाजार को मिला सहारा: शुरुआती आंकड़ों में आईटी शेयरों की बढ़त बाजार की तेजी का सबसे स्पष्ट कारण बनकर सामने आई। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में खरीदारी ने क्षेत्रीय सूचकांक को मजबूत किया, जिसका असर प्रमुख बाजार सूचकांकों पर भी दिखाई दिया। स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, बीमा और उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों में भी बढ़त ने बाजार को अतिरिक्त समर्थन दिया। इसके साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी ने शुरुआती कारोबार में सकारात्मक रुझान को व्यापक बनाया। दूसरी तरफ, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील और बीईएल जैसे शेयरों की गिरावट बताती है कि खरीदारी सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई। निवेशकों के लिए अलग-अलग कंपनियों और क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शुरुआती बढ़त पूरे दिन की तेजी की गारंटी नहीं होती।
निवेशकों की नजर बाजार की आगे की दिशा पर: गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में आई तेजी ने कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन निवेशकों को राहत दी। सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त, आईटी सूचकांक में 3 प्रतिशत का उछाल और इंडिया विक्स में गिरावट शुरुआती कारोबार की प्रमुख बातें रहीं। हालांकि, बाजार की वास्तविक मजबूती का आकलन पूरे सत्र के कारोबार, विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी की निरंतरता और गिरावट वाले शेयरों के प्रदर्शन को देखकर ही किया जा सकता है। निवेशकों को केवल शुरुआती उछाल के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन और बाजार के उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना चाहिए। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में आई तेजी ने पिछले सत्र की कमजोरी के बाद सुधार का संकेत जरूर दिया, लेकिन आगे बाजार किस दिशा में बढ़ेगा, यह कारोबारी सत्र के दौरान खरीदारी और बिकवाली के संतुलन पर निर्भर करेगा।















































