परिघ योग क्यों बन रहा है और इसका क्या अर्थ है
4 अक्टूबर 2026 को दिन के प्रथम भाग में परिघ योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष में नित्य योग का निर्धारण सूर्य और चंद्रमा की निरयन दीर्घांशों को जोड़कर किया जाता है। 27 नित्य योगों में परिघ 19वां योग है। सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति जब परिघ योग के निर्धारित अंश-क्षेत्र में आती है, तब यह योग बनता है। आज इसी गणना के कारण परिघ योग का निर्माण हो रहा है। स्थानीय पंचांग के अनुसार 4 अक्टूबर को परिघ योग दोपहर लगभग 12:32 बजे तक रहेगा, इसके बाद शिव योग शुरू होगा।
परिघ योग का ज्योतिषीय स्वभाव
परिघ का अर्थ अवरोध या रुकावट से जुड़ा माना जाता है। इसलिए इस योग में कार्यों में देरी, बाधा, मतभेद या योजनाओं में अचानक परिवर्तन जैसी परिस्थितियां सामने आ सकती हैं। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि इस दौरान हर काम अशुभ होता है। पुराने कार्यों की समीक्षा करना, कमियों को दूर करना, अधूरे काम पूरे करना और किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए यह समय उपयोगी हो सकता है। इस योग में महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचना विशेष रूप से जरूरी माना जाता है।
परिघ योग में इन राशियों के लिए शुभ प्रभाव
वृषभ: रुके हुए कार्यों को दोबारा गति देने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में धैर्य रखने से लाभ की स्थिति बन सकती है।
कर्क: पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखने से तनाव कम हो सकता है। पुराने मतभेदों को बातचीत से दूर करने का अवसर मिलेगा।
कन्या: अधूरे कार्यों को व्यवस्थित करने और योजनाओं की कमियां दूर करने में सफलता मिल सकती है।
वृश्चिक: विरोध और रुकावट के बावजूद लक्ष्य पर टिके रहने से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
मकर: व्यावहारिक सोच के कारण कठिन परिस्थितियों को संभालने में सफलता मिल सकती है। पुराने काम पूरे होने के योग बनेंगे।
मीन: मानसिक धैर्य बनाए रखने पर परिस्थितियां आपके पक्ष में रह सकती हैं। निजी और पारिवारिक मामलों में सुधार संभव है।
परिघ योग में इन राशियों को रहना होगा सावधान
मेष: जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। विवाद को बढ़ाने के बजाय शांत रहना बेहतर होगा।
मिथुन: काम में देरी या योजना में बदलाव मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें।
सिंह: जिद या अहंकार के कारण समस्या बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में दूसरे पक्ष की बात भी सुनें।
तुला: साझेदारी, लेन-देन और संबंधों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखें।
धनु: यात्रा, धन और महत्वपूर्ण निर्णयों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है।
कुंभ: अनावश्यक चिंता और एक साथ कई काम करने की प्रवृत्ति से बचें। प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें।
परिघ योग के उपाय
इस योग में भगवान गणेश का स्मरण करके कार्य शुरू करना शुभ माना जाता है। “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें। किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं या अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करें। अनावश्यक विवाद और कठोर वाणी से बचें। अधूरे कार्यों को व्यवस्थित करें और किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सभी तथ्यों की अच्छी तरह जांच कर लें।
शिव योग क्यों बन रहा है और इसका क्या अर्थ है
परिघ योग की अवधि पूरी होने के बाद सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त निरयन स्थिति अगले नित्य योग की सीमा में प्रवेश करती है। इसी कारण परिघ योग समाप्त होकर शिव योग का निर्माण होता है। 4 अक्टूबर 2026 को दोपहर लगभग 12:32 बजे परिघ योग समाप्त होने के बाद शिव योग शुरू होगा और 5 अक्टूबर की सुबह लगभग 9:51 बजे तक रहेगा।
शिव योग का ज्योतिषीय स्वभाव
शिव योग को शांति, आत्मचिंतन, सुधार, संयम और समाधान से जुड़ा माना जाता है। इस योग में पुराने विवादों को समाप्त करने, बिगड़े हुए काम को सुधारने, किसी समस्या का शांतिपूर्वक समाधान खोजने और आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगाने को सकारात्मक माना जाता है। परिघ योग की तुलना में शिव योग का स्वभाव अधिक शांत और संतुलित माना जाता है। इसलिए दोपहर के बाद परिस्थितियों को संभालने और योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
शिव योग में इन राशियों के लिए शुभ प्रभाव
मेष: रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और पुराने तनाव को कम करने का अवसर मिल सकता है।
कर्क: परिवार और निजी संबंधों में शांति स्थापित करने का अवसर मिलेगा। पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं।
सिंह: कार्यक्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिल सकता है। योजनाओं में सुधार से लाभ होगा।
कन्या: योजना, शिक्षा और मेहनत से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
वृश्चिक: कठिन परिस्थितियों से निकलने का रास्ता मिल सकता है। पुराने अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं।
मकर: जिम्मेदारियों को पूरा करने और कार्यक्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए समय उपयोगी रह सकता है।
मीन: मानसिक शांति और पारिवारिक मामलों के लिए समय सकारात्मक रह सकता है। महत्वपूर्ण निर्णय में सही दिशा मिल सकती है।
शिव योग में इन राशियों को रहना होगा सावधान
वृषभ: अत्यधिक जिद से बचें और परिस्थितियों को समझकर निर्णय लें।
मिथुन: मन में चल रही कई बातों के कारण भ्रम हो सकता है। एक समय में एक ही महत्वपूर्ण काम पर ध्यान दें।
तुला: संबंधों में छोटी बात को बड़ा बनाने से बचें। साझेदारी और आर्थिक मामलों में स्पष्टता रखें।
धनु: पुराने मुद्दे तनाव पैदा कर सकते हैं। प्रतिक्रिया देने से पहले पूरी स्थिति समझें।
कुंभ: काम का दबाव मानसिक थकान बढ़ा सकता है। अनावश्यक बहस से दूरी बनाए रखें।
शिव योग के उपाय
भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें और श्रद्धा के अनुसार बेलपत्र चढ़ाएं। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या आवश्यक वस्तु का दान करें। मन में किसी के प्रति लंबे समय से क्रोध या द्वेष है तो उसे छोड़ने का प्रयास करें। वाणी पर नियंत्रण रखना और शांत मन से अच्छे कार्य करना इस योग का सरल उपाय माना जाता है।
परिघ और शिव योग का संयुक्त प्रभाव
4 अक्टूबर को दिन का पहला भाग परिघ योग के प्रभाव में रहेगा, इसलिए इस दौरान जल्दबाजी से बचकर पुराने और अधूरे कार्यों को व्यवस्थित करना बेहतर रहेगा। दोपहर लगभग 12:32 बजे के बाद शिव योग शुरू होने पर शांति, सुधार और समाधान से जुड़े कार्यों के लिए परिस्थितियां अधिक अनुकूल मानी जाएंगी। इस तरह दिन का पहला भाग सावधानी और धैर्य का संदेश देता है, जबकि दूसरा भाग संयम, सुधार और सकारात्मक प्रयासों पर जोर देता है।














































