वैदिक ज्योतिष के अनुसार 27 सितंबर 2026 को वैदिक यानी साइडीरियल गणना के अनुसार सूर्य कन्या राशि में हस्त नक्षत्र में स्थित हैं और आज ही हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। चंद्रमा मीन राशि में उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक रहेंगे और इसके बाद रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा 29 सितंबर को मेष राशि में जाएंगे। मंगल इस समय कर्क राशि में नीच अवस्था में हैं और पुष्य तथा अश्लेषा नक्षत्र से संबंधित स्थिति में हैं; उनका सिंह राशि में प्रवेश 27-28 अक्टूबर 2026 को बताया गया है। बुध तुला राशि में चित्रा और स्वाति नक्षत्र में स्थित हैं तथा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु सिंह राशि में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में हैं और वर्ष 2027 में कन्या राशि में जाएंगे। शुक्र वृश्चिक राशि में विशाखा तथा अनुराधा नक्षत्र में स्थित हैं और अक्टूबर 2026 के मध्य में धनु राशि में प्रवेश करेंगे। शनि मीन राशि में वक्री होकर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में हैं और मार्च 2027 में मेष राशि में जाने वाले हैं। राहु कुंभ राशि में पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में स्थित हैं तथा वर्ष 2027 में मकर राशि में प्रवेश करेंगे। केतु सिंह राशि में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में हैं और वर्ष 2027 में कर्क राशि में जाएंगे। इस ग्रह स्थिति के साथ आने वाले दिनों में बुध के नक्षत्र परिवर्तन और चंद्रमा-शुक्र के विशेष योग का प्रभाव भी ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है।
ग्रह स्थिति, नक्षत्र एवं राशि परिवर्तन चार्ट (27.09.2026)
| क्र.सं. | ग्रह का नाम | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन का समय / विवरण |
|---|---|---|---|---|
| 1. | सूर्य (Sun) | कन्या | हस्त (आज ही 27 सितंबर को प्रवेश) | 18 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 2. | चंद्रमा (Moon) | मीन | उत्तर भाद्रपद (सुबह 11:08 तक), फिर रेवती | चंद्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है। यह 29 सितंबर 2026 को मेष राशि में जाएगा। |
| 3. | मंगल (Mars) | कर्क (नीच राशि) | पुष्य / अश्लेषा | 27-28 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में गोचर करेंगे (नोट: कुछ पश्चिमी गणनाओं में आज बदलाव है, लेकिन भारतीय पंचांग अनुसार अक्टूबर अंत में बदलेंगे)। |
| 4. | बुध (Mercury) | तुला | चित्रा / स्वाति | अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे (बुध तीव्र गति से चलने वाला ग्रह है)। |
| 5. | गुरु (Jupiter) | सिंह | पूर्वा फाल्गुनी | गुरु एक राशि में लगभग 1 वर्ष रहते हैं, यह वर्ष 2027 में कन्या राशि में जाएंगे। |
| 6. | शुक्र (Venus) | वृश्चिक | विशाखा / अनुराधा | अक्टूबर 2026 के मध्य में धनु राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 7. | शनि (Saturn) | मीन (वक्री) | उत्तर भाद्रपद | शनि वर्तमान में वक्री अवस्था में हैं। यह मार्च 2027 में मेष राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 8. | राहु (Rahu) | कुंभ | पूर्वा भाद्रपद | राहु हमेशा वक्री चलते हैं। यह वर्ष 2027 में मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 9. | केतु (Ketu) | सिंह | उत्तरा फाल्गुनी | केतु हमेशा वक्री चलते हैं। यह वर्ष 2027 में कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। |
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की वर्तमान स्थिति को देखें तो सूर्य कन्या में, चंद्रमा मीन में, मंगल नीच अवस्था में कर्क में, बुध तुला में, गुरु सिंह में, शुक्र वृश्चिक में और वक्री शनि मीन में स्थित हैं। वहीं राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में हैं। चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर को दिन के दौरान नक्षत्र परिवर्तन से भी प्रभावित होगी, क्योंकि सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक उत्तर भाद्रपद के बाद रेवती नक्षत्र शुरू होगा। इसके साथ ही आगे बुध के नक्षत्र परिवर्तन और चंद्रमा-शुक्र के विशेष योग को लेकर चार राशियों के लिए शुभ प्रभाव बताए गए हैं।
बुध का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश
ज्योतिष शास्त्र में किसी ग्रह का नक्षत्र परिवर्तन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दिए गए रॉ मटेरियल के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को बुध अपना नक्षत्र बदलकर राहु के नक्षत्र स्वाति में प्रवेश करेंगे और 12 अक्टूबर तक स्वाति नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद बुध विशाखा नक्षत्र में गोचर करेंगे। इससे पहले 26 सितंबर 2026 को बुध ने राशि परिवर्तन किया था। बुध के स्वाति नक्षत्र में जाने को चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ बताया गया है और इस अवधि में उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव तथा प्रगति के नए अवसर बनने की संभावना बताई गई है।
मिथुन राशि के लिए बुध का शुभ प्रभाव
बुध का स्वाति नक्षत्र में प्रवेश मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर और आर्थिक क्षेत्र में लाभकारी बताया गया है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। आपके विचारों और रणनीतियों को कार्यक्षेत्र में सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के संकेत हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है और निवेश से भी लाभ प्राप्त हो सकता है।
कन्या राशि के लिए बुध का शुभ प्रभाव
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन नए कार्य की शुरुआत के अवसर लेकर आ सकता है। 1 अक्टूबर से इस राशि के लिए अनुकूल समय शुरू होने की बात कही गई है। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को किसी बड़ी कंपनी से प्रस्ताव मिल सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं और पैतृक संपत्ति से भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।
तुला राशि के लिए बुध का शुभ प्रभाव
तुला राशि वालों के लिए बुध का स्वाति नक्षत्र में जाना निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने वाला बताया गया है। नौकरी में पदोन्नति के योग बन सकते हैं और आमदनी के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण कार्य में बड़ी सफलता मिलने तथा धन लाभ के अवसर बनने की संभावना है।
कुंभ राशि के लिए बुध का शुभ प्रभाव
कुंभ राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन तरक्की के नए अवसर खोल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है और कारोबारियों को कोई बड़ा अनुबंध मिलने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया और शोध के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल बताया गया है। इस अवधि में भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय योजना बनाने और निवेश से लाभ प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।
चंद्रमा और शुक्र से बनने वाला समसप्तक योग
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा और शुक्र दोनों को शुभ ग्रह माना गया है। दिए गए रॉ मटेरियल के अनुसार 28 सितंबर की सुबह चंद्रमा और शुक्र से समसप्तक योग का निर्माण होगा। चंद्रमा 28 सितंबर की सुबह मीन राशि से निकलकर मेष राशि में जाएंगे और तुला राशि में स्थित शुक्र के साथ यह योग बनाएंगे। इस योग के कारण कुछ राशियों के जीवन में शुभ परिणाम मिलने की संभावना बताई गई है।
मिथुन राशि के लिए चंद्र-शुक्र योग का प्रभाव
चंद्रमा और शुक्र के बताए गए नवपंचम योग के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि के एकादश भाव में और शुक्र पंचम भाव में स्थित रहेंगे। इस स्थिति से अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने वाले जातकों को भी लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। करियर के क्षेत्र में पदोन्नति के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि होने के संकेत हैं, जिससे पढ़ाई में बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
कर्क राशि के लिए चंद्र-शुक्र योग का प्रभाव
कर्क राशि के लिए दिए गए विवरण के अनुसार योग के दौरान चंद्रमा दसवें भाव में और शुक्र सुख से संबंधित चौथे भाव में स्थित होंगे। इस ग्रह स्थिति के कारण भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। कुछ जातक नया मकान या वाहन खरीद सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों की आमदनी बढ़ने से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है और कहीं अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को भाग्य का साथ मिल सकता है और अच्छी नौकरी मिलने के अवसर बन सकते हैं। माता-पिता के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर भी प्राप्त हो सकता है।
तुला राशि के लिए चंद्र-शुक्र योग का प्रभाव
तुला राशि के लिए शुक्र और चंद्रमा के बताए गए समसप्तक योग से पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना है। नवविवाहित लोगों के जीवन में संतान से जुड़ी खुशखबरी आ सकती है। कारोबारियों को मनचाही डील मिलने से आर्थिक लाभ हो सकता है। पिछले समय में किए गए निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान प्राप्त हो सकता है और स्वास्थ्य में भी सुधार के संकेत दिए गए हैं।










































