महामारी के दबाव में दो साल गिरावट के बाद खुदरा आभूषण विक्रेताओं की कमाई 12-14 फीसदी तक बढ़ गई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार को बताया कि सोने की कीमतें स्थिर रहने और शादियों व त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की खरीद बढ़ने से यह तेजी आई है। क्रिसिल के अनुसार, आभूषण विक्रेताओं की मार्जिन भी 1.20 फीसदी तक बढ़कर कोविड पूर्व स्तर तक पहुंच गई है। सोने की कीमतों में कमी से मार्जिन 6.5-7 फीसदी तक हो गया है। देशभर के 86 आभूषण विक्रेताओं पर किए सर्वे में क्रिसिल ने बताया कि पिछले दो वित्तवर्ष में गिरावट के कारण भी इस साल राजस्व में तेजी आई है।
2019-20 में खुदरा आभूषण विक्रेताओं की कमाई में तीन फीसदी और 2020-21 में आठ फीसदी गिरावट आई थी। क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने बताया कि सरकार के जुलाई, 2019 में आयात शुल्क 2.5 फीसदी बढ़ाकर 12.5 फीसदी किए जाने से मांग में कमी आई थी। इसके बाद मार्च, 2020 में कोरोना महामारी ने दस्तक दी और खपत पर दोबारा असर पड़ा।
शादियों के सीजन में और बढ़ेगी मांग
क्रिसिल ने बताया कि आने वाली तिमाहियों में त्योहारों और शादियों का सीजन होने से आभूषणों की मांग और बढ़ेगी। इस दौरान पूरे साल की कुल बिक्री का करीब 55-60 फीसदी हिस्सा होता है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार से लोगों की आमदनी भी बढ़ रही, जिसका लाभ आभूषण उद्योग को मिलेगा।
आयात शुल्क में कटौती
सरकार ने महामारी के बाद सोने पर आयात शुल्क में 2.13 फीसदी कटौती कर 10.75 फीसदी किया है। इससे घरेलू बाजार में कीमतें कम करने में मदद मिली। सराफा कारोबारियों ने पिछले साल आभूषण पर आठ फीसदी तक मार्जिन कमाया था, जिसका कारण सोने की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि थी। इस दौरान ज्वैलर्स ने पहले से बने आभूषणों पर अच्छा मार्जिन कमाया था।





































