खेतों में बिछी तैयार फसल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
नानपारा, बहराइच। जनपद बहराइच में पिछले करीब 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश और तेज तूफानी हवाओं ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तहसील नानपारा सहित जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी धान की फसल तेज हवाओं और बारिश के चलते जमीन पर बिछ गई है। फसल के अंतिम चरण में पहुंचने के समय मौसम की मार से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
सितंबर माह के अंतिम पखवाड़े में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश शुरू हो गई। बारिश और हवाओं का सबसे अधिक असर धान की तैयार फसल पर पड़ा है। कई गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह जमीन पर लेट गई है। किसानों का कहना है कि धान की फसल पकने के कगार पर थी और अब कटाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन मौसम ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
किसानों के मुताबिक खेती ही उनकी आय का प्रमुख साधन है। धान की फसल खराब होने से न केवल इस वर्ष की आमदनी प्रभावित होगी, बल्कि अगली फसल की तैयारी और घरेलू खर्चों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से गिरी हुई फसल के सड़ने की आशंका भी किसानों को परेशान कर रही है।
ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का स्थलीय सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। कृषक गौरी शंकर मौर्य बच्छराज चौहान गिरधारी लाल भोला खान मोशिम खान मुजम्मिल खानआदि का कहना है कि यदि बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।











































