किसानों को भारी नुकसान की आशंका; मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
बहराइच। जिले में पिछले 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। शहर से लेकर गांवों तक जगह-जगह जलभराव हो गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। लगातार बारिश के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि कई संपर्क मार्गों पर जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ।तेज हवाओं के साथ हुई बारिश का सबसे अधिक असर खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल पर पड़ा है। पकने की कगार पर पहुंची धान की फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि धान के लिए बारिश का पानी तो फायदेमंद है, लेकिन तेज हवाओं ने फसल को गिराकर उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में किसानों ने फसल को काफी नुकसान होने की बात कही है। किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सता रही है।बारिश ने मजदूरों की भी रोकी रोजी-रोटीलगातार बारिश का असर रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों पर भी पड़ा है। दिहाड़ी मजदूर, ठेला-रेहड़ी संचालक और छोटे दुकानदार काम बंद होने से परेशान हैं। बारिश के कारण काम नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। कई मजदूरों का कहना है कि लगातार बारिश के चलते दिहाड़ी का काम ठप है और घर का खर्च चलाने की चिंता बढ़ गई है।जलभराव से संपर्क मार्ग प्रभावितबारिश के कारण ग्रामीण इलाकों के कई संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने वाली थी और ऐसे समय तेज हवा ने खेतों में खड़ी फसल को गिराकर नुकसान की आशंका बढ़ा दी है।किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का सर्वे कराकर फसल क्षति का आकलन कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत मिल सके।उधर, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा नदी, नालों और जलभराव वाले स्थानों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।









































