26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है और इसी के साथ पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। पूर्णिमा तिथि रात 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, इसके बाद आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ होगी। सुबह 11 बजकर 32 मिनट तक पूर्व भाद्रपद नक्षत्र रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र लग जाएगा। आज स्नान, दान और पितरों के निमित्त धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व रहेगा। शनिवार के इस दिन पंचांग में शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया तथा सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का भी विशेष ध्यान रखा जा सकता है।
मुख्य पंचांग विवरण
वार: शनिवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी संवत्सर)
शक संवत: 1948 (पराभव संवत्सर)
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पूर्णिमा रात्रि 10:18 बजे तक, इसके बाद आश्विन कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद सुबह 11:31 बजे तक, फिर उत्तर भाद्रपद
योग: गण्ड दोपहर 01:17 बजे तक, फिर वृद्धि योग
करण: विष्टि (भद्रा) सुबह 10:47 बजे तक, फिर बव
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: कुंभ
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:36 ए एम से 05:24 ए एम
प्रातः सन्ध्या: 05:00 ए एम से 06:11 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 11:48 ए एम से 12:36 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:13 पी एम से 03:01 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:13 पी एम से 06:37 पी एम
सायाह्न सन्ध्या: 06:13 पी एम से 07:25 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: सुबह 09:12 ए एम से 10:42 ए एम
यमगण्ड काल: दोपहर 01:42 पी एम से 03:13 पी एम
गुलिक काल: सुबह 06:11 ए एम से 07:42 ए एम
दुर्मुहूर्त: सुबह 06:11 ए एम से 06:59 ए एम
भद्रा (विष्टि): सुबह 06:11 ए एम से 10:46 ए एम
दिशाशूल: पूर्व दिशा
सूर्य और चंद्र उदय-अस्त का समय
सूर्योदय: सुबह 06:11 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:13 बजे
चन्द्रोदय: शाम 06:00 बजे
चन्द्रास्त: 27 सितंबर को सुबह 06:39 बजे
दिन की चौघड़िया
काल (सामान्य): सुबह 06:11 ए एम से 07:42 ए एम
शुभ (उत्तम): सुबह 07:42 ए एम से 09:12 ए एम
रोग (सामान्य): सुबह 09:12 ए एम से 10:42 ए एम
उद्वेग (अशुभ): सुबह 10:42 ए एम से दोपहर 12:12 पी एम
चर (सामान्य): दोपहर 12:12 पी एम से 01:42 पी एम
लाभ (उन्नति): दोपहर 01:42 पी एम से 03:13 पी एम
अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 03:13 पी एम से शाम 04:43 पी एम
काल (सामान्य): शाम 04:43 पी एम से 06:13 पी एम
रात्रि की चौघड़िया
लाभ (उन्नति): शाम 06:13 पी एम से रात्रि 07:43 पी एम
उद्वेग (अशुभ): रात्रि 07:43 पी एम से 09:13 पी एम
शुभ (उत्तम): रात्रि 09:13 पी एम से 10:43 पी एम
अमृत (सर्वोत्तम): रात्रि 10:43 पी एम से मध्यरात्रि 12:12 ए एम
चर (सामान्य): मध्यरात्रि 12:12 ए एम से देर रात 01:42 ए एम
रोग (सामान्य): देर रात 01:42 ए एम से तड़के 03:12 ए एम
काल (सामान्य): तड़के 03:12 ए एम से सुबह 04:42 ए एम
लाभ (उन्नति): सुबह 04:42 ए एम से 27 सितंबर को सुबह 06:12 ए एम
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय (26.09.2026) |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 08:57 ए एम से 10:27 ए एम |
| 2 | दिल्ली (केंद्र शासित) | नई दिल्ली | सुबह 09:12 ए एम से 10:42 ए एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर / जम्मू | सुबह 09:18 ए एम से 10:49 ए एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 08:57 ए एम से 10:27 ए एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | इटानगर | सुबह 07:44 ए एम से 09:14 ए एम |
| 6 | असम | दिसपुर / गुवाहाटी | सुबह 07:54 ए एम से 09:24 ए एम |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 08:33 ए एम से 10:03 ए एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 08:53 ए एम से 10:23 ए एम |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 09:27 ए एम से 10:57 ए एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर / अहमदाबाद | सुबह 09:30 ए एम से 11:00 ए एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 09:14 ए एम से 10:44 ए एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 09:14 ए एम से 10:44 ए एम |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 08:35 ए एम से 10:05 ए एम |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | सुबह 09:09 ए एम से 10:40 ए एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 09:11 ए एम से 10:41 ए एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 09:11 ए एम से 10:41 ए एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 09:19 ए एम से 11:00 ए एम |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | सुबह 07:42 ए एम से 09:12 ए एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 07:52 ए एम से 09:22 ए एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 07:46 ए एम से 09:16 ए एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 07:41 ए एम से 09:11 ए एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 08:33 ए एम से 10:03 ए एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 09:14 ए एम से 10:44 ए एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 09:19 ए एम से 10:49 ए एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 08:14 ए एम से 09:44 ए एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 08:59 ए एम से 10:30 ए एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 09:01 ए एम से 10:31 ए एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 07:50 ए एम से 09:20 ए एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 09:11 ए एम से 10:41 ए एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 08:27 ए एम से 09:57 ए एम |
पितृपक्ष का महत्व
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के साथ पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाती है और इसके बाद सोलह दिवसीय श्राद्ध कर्म की परंपरा रहती है। इस अवधि को महालय और पितृपक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पितृपक्ष में अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए श्राद्ध, तर्पण और दान जैसे धार्मिक कर्म किए जाते हैं। मान्यता है कि ‘श्राद्ध’ शब्द श्रद्धा से बना है, जिसका भाव पितरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता से जुड़ा है। धार्मिक परंपरा के अनुसार मनुष्य अपने पूर्वजों के ऋण से जुड़ा माना जाता है और श्राद्ध कर्म के माध्यम से उनके प्रति अपना कर्तव्य निभाने की भावना व्यक्त करता है। इस वर्ष दिए गए विवरण के अनुसार पितृपक्ष की यह अवधि 26 सितंबर से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या, 10 अक्टूबर 2026 तक रहेगी।











































