पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का आरोपी और भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी मामले में डोमिनिका की अदालत में सुनवाई चल रही है और कुछ देर में फैसला भी आने की उम्मीद है। इस फैसले से यहा पता चल जाएगा कि चोकसी को वापस एंटीगुआ भेजा जाएगा या फिर भारतीय एजेंसियों को कस्टडी दी जाएगी।
वहीं सुनवाई शुरू होने से पहले मेहुल की पत्नी प्रीति चोकसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि मेरे पति को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हैं। वह एंटीगुआ के नागरिक हैं और उन्हें यहां के संविधान के तहत सभी अधिकार और सुरक्षा का लाभ लेने का हक है। प्रीति ने कहा कि यहां के कानून पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है कि मेहुल जल्द से जल्द एंटीगुआ वापस आएंगे।
वहीं मेहुल के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में कई बातें फर्जी तरीके से दिखाई जा रही हैं। उन्होंने मेहुल के भाई द्वारा डोमिनिका में विपक्षी पार्टियों से बातचीत को महज अफवाह बताया।
एंटीगुआ के प्रधानमंत्री की चिट्ठी आई सामने
एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउने की एक चिट्ठी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि मेहुल ने नागरिकता से संबंधित जानकारी छिपाई थी। वहीं दूसरी ओर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मेहुल चोकसी के बड़े भाई ने मामले को रफा दफा करने के लिए डोमिनिका के विपक्षी नेता को मोटी रकम दी।
14 अक्तूबर, 2019 को लिखे पत्र में ब्राउने ने लिखा था, ”मैं एंटीगुआ और बारबुडा नागरिकता अधिनियम, कैप 22 की धारा 8 के मुताबिक एक आदेश देने का प्रस्ताव करता हूं ताकि आपको सामग्री तथ्यों को जानबूझकर छिपाने के आधार पर एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता से वंचित किया जा सके। मैं आपको एंटीगुआ और बारबुडा नागरिकता अधिनियम की धारा 10 के तहत जांच करने के आपके अधिकार और इस जांच में अपनी पसंद का कानूनी प्रतिनिधित्व प्राप्त करने के अधिकार की भी सलाह देता हूं। आपको इस नोटिस के प्राप्त होने के एक महीने के भीतर जवाब देना होगा।



































