धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ व मांगलिक कार्यों को करने से पहले श्री गणेश की आराधना व पूजा जरूरी मानी जाती है मान्यता है कि शुभ कार्यों से पहले अगर गौरी पुत्र गणेश का ध्यान किया जाए तो उस कार्य में कोई बाधा नहीं आती है और काम निर्विघ्न पूर्ण हो जाते हैं

ये भी कहा जाता है कि साल की शुरुआत अगर अच्छी रहती है तो पूरा साल खुशियों भर बीतता है तो ऐसे में नए साल की शुरुआत श्री गणेश का ध्यान पूजन करने के साथ किया जाए तो पूरे साल भगवान की कृपा बनी रहती है और सुख समृद्धि व सफलता भी मिलती है तो आज हम आपको बता रहे हैं कि साल का आरंभ कैसे करना उत्तम रहेगा तो आइए जानते हैं।

नए साल 2023 की शुरुआत भगवान श्री गणेश की पूजा के साथ करना लाभदायी साबित होगा। नए साल के प्रथम दिन गौरी पुत्र गणेश की पूजा करने और उनके चमत्कारी मंत्रों का जाप करने से साल के 365 दिन किसी भी तरह की कोई समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा साथ ही जातक को जीवन भी कष्टों से मुक्त रहेगा।

श्री गणेश का गायत्री मंत्र-
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
शास्त्र अनुसार 11 दिनों तक नियमित रूप से भगवान श्री गणेश का गायत्री मंत्र का जाप करने से पिछले कर्मों के बुरे फलों से छुटकारा मिल जाता है इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार जरूर करें ऐसा करने से व्यक्ति का भाग्य चमक जाता है।
श्री गणेश का तांत्रिक मंत्र-
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
मान्यता है कि नियमित रूप से सुबह अगर शिव, पार्वती और श्री गणेश की पूजा करने के बाद इस मंत्र का जाप किया जाए तो लाभकारी रहेगा कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करने से जातक के सभी दुख दूर हो जाएंगे और सुख में वृद्धि होगी।
भगवान गणेश का कुबेर मंत्र-
ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
अगर साल की शुरुआत के पहले दिन भगवान श्री गणेश के इस चमत्कारी मंत्र का जाप किया जाए तो कर्ज से डूबे लोगों को इससे मुक्ति मिल जाती है और श्री गणेश की कृपा से पूरे साल धन आगमन होता है।
गृह क्लेश निवारण मंत्र-
ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश. ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति,, करो दूर क्लेश
बाधाओं को दूर करने का मंत्र-
ऊं एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात
कामना पूर्ति मंत्र-
गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः। द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥
सफलता प्राप्ति मंत्र-
ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये। वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।




































