स्थलीय निरीक्षण अभियान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को Gorakhpur में 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से डोमिनगढ़ से महेसरा पुल तक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर अपना ध्यान केंद्रित किया। मुख्यमंत्री ने लालडिग्गी के पास रुककर लोक निर्माण विभाग खंड दो के अधिकारियों से कार्य की प्रगति पर पूछताछ की और ड्राइंग मैप के जरिए तकनीकी पहलुओं को समझा।
समय सीमा में कटौती: इलाहीबाग के पास निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को पूर्ण करने की समय सीमा घटा दी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए, जबकि पहले इसका लक्ष्य सितंबर 2026 था। इस 10.2 किमी लंबी सड़क पर कुल 379.54 करोड़ रुपये की लागत आ रही है, जो डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से होते हुए सीधे सोनौली मार्ग को जोड़ेगी।
कनेक्टिविटी का नया जाल: मुख्यमंत्री ने हाबर्ट बंधा से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग की कनेक्टिविटी के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। 4.07 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन में बदलने का 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 195.21 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना मई 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। सीएम ने कहा कि इन मार्गों के तैयार होने से यात्रियों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना ही बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
आरओबी निर्माण कार्य: डोमिनगढ़ चौकी के पास मुख्यमंत्री ने रहमतनगर-माधोपुर रोड पर बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का ड्राइंग मैप देखा। 132 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस 755 मीटर लंबे पुल को लेकर उन्होंने तेजी दिखाने के निर्देश दिए। यह पुल रोहिन नदी के तटबंधों को जोड़ते हुए मोहरीपुर से सीधा संपर्क स्थापित करेगा, जिससे घुनघुनकोठा और आसपास के क्षेत्रों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
ईको पार्क और विकास: मुख्यमंत्री ने नगर निगम को महेसरा क्षेत्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फोरलेन के पास की वाटर बॉडी के समीप ईको पार्क जैसी सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए ताकि उस क्षेत्र की गंदगी को दूर कर उसे सुंदर बनाया जा सके। मुख्यमंत्री के अनुसार, गोरखपुर में विकास की यह श्रृंखला नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
बाढ़ बचाव और यातायात: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन फोरलेन सड़कों के निर्माण से केवल यातायात ही सुगम नहीं होगा, बल्कि तटबंधों के मजबूत होने से बाढ़ के खतरों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समय पर कार्य पूरा कर लेंगी। फोरलेन कनेक्टिविटी तैयार होने के बाद जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग और नेपाल जाने वाले सोनौली मार्ग पर यात्रियों के लिए सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।



































