वरुण गांधी पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में हैं। कभी अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने को लेकर तो कभी ऐसी भी बातें सामने आईं कि क्या वरुण भाजपा से इतर भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं? बहरहाल वरुण गांधी ने अपने भविष्य को लेकर कम से कम एक सवाल का जवाब तो दे ही दिया है।
यह जवाब है वरुण गांधी अगला लोकसभा चुनाव किस संसदीय क्षेत्र से लड़ेंगे। इस सवाल का जवाब सोमवार को उस वक्त मिला जब वरुण गांधी अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे थे। गौरतलब है कि वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं।
फायरब्रांड अंदाज
वरुण गांधी पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार पर खूब हमलावर रहे हैं। विभिन्न मुद्दों पर उन्होंने अपने फायरब्रांड अंदाज में सवाल उठाए। इसको लेकर ऐसी आशंका उठने लगी थी कि संभवत: वरुण गांधी भाजपा से इतर अपना भविष्य देख रहे हैं। हालांकि सोमवार को यह बात स्पष्ट हो गई कि वरुण गांधी पीलीभीत को छोड़कर नहीं जाने वाले हैं। इस मौके पर वरुण गांधी ने अपनी मां मेनका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीलीभीत से मेरा खून का नाता है और मैं और मेरी मां इस इलाके के दर्द से बहुत अच्छी तरह से वाकिफ हैं। वरुण गांधी ने पीलीभीत के लोगों को अपना परिवार बताया।
खूब उठाए सवाल
वरुण गांधी ने इस मौके पर आवारा पशुओं से लेकर लोन सिस्टम तक पर सवाल उठाए। भाजपा सांसद ने कहा कि आवारा जानवर किसानों की फसल चर जा रहे हैं। इसके चलते देश का भविष्य अंधेरे में जा रहा है। वरुण गांधी ने यहां तक कहा कि यह जानवर किसान की फसल नहीं, बल्कि उसका भविष्य खा जा रहे हैं। इसके अलावा वरुण ने किसानों के कर्ज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज देश के तमाम किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। वरुण का अंदाज एक बार फिर सरकार के खिलाफ आक्रामक नजर आया, जब उन्होंने कहा कि अमीर लोग डिफॉल्टर होकर भी आराम से हैं। वहीं, लोन चुकाने पर देरी होने में गरीबों की कुर्की कर दी जाती है।
वरुण को लेकर खूब चली हैं अटकलें
बता दें कि बीते कुछ वक्त से वरुण गांधी को लेकर खूब अटकलें चल रही हैं। पिछले दिनों तो उनके भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने की अटकलें भी लग रही थीं। वहीं, यह भी बातें सामने आ रही थीं कि क्या वरुण कांग्रेस का रुख कर सकते हैं। वरुण को लेकर राहुल गांधी की तरफ से भी बयान आया था। राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया था कि उनकी और मेरी विचारधारा में बहुत अंतर है। इसके बाद वरुण के कांग्रेस में जाने की अटकलें थम गई थीं। हालांकि वह जिस तरह से अपनी ही सरकार के खिलाफ आक्रामक रहे हैं, उससे इस बात भी संभवना जताई जा रही थी कि वह किसी अन्य दल का भी रुख कर सकते हैं।



































