अमेरिका और यूरोपीय देशों के ऐतराजों के बावजूद रूस से भारत की यारी परवान चढ़ती नजर आ रही है। ताजा आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं। रूस से भारत के आयात में 384 फीसदी का इजाफा हुआ है।
यह इजाफा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी और पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए भारत लगातार रूस के कच्चा तेल आयात कर रहा है।
जमकर कच्चा तेल मंगा रहा भारत
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, रूस से भारत का आयात इस वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान पांच गुना बढ़कर 37.31 अरब डॉलर हो गया है। 2021-22 में, रूस भारत का 18वां सबसे बड़ा आयात भागीदार रहा। इस दौरान भारत ने रूस से 9.86 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात किया। मंत्रालय ने बताया कि रूस से आयात बढ़ने के पीछे मुख्य कारण कच्चा तेल है।
चालू वित्त वर्ष के 10 महीने की अवधि के दौरान रूस भारत का चौथा सबसे बड़ा आयात स्रोत बन गया है। जनवरी में रूसी कच्चे तेल के लिए भारत की मांग बड़े स्तर तक बढ़ गई। मिडिल-ईस्ट के देशों को पछाड़ते हुए रूस लगातार चार महीने से भारत का सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। इसकी वजह यह भी है क्योंकि रूस भारतीय रिफाइनर को बंपर छूट पर कच्चा तेल उपलब्ध करा रहा है।
कभी रूस से अपनी जरूरत का केवल एक फीसदी तेल मंगाता था भारत
रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत से पहले भारत अपनी जरूरत का 1 फीसदी से भी कम तेल रूस से आयात करता था। एनर्जी कार्गो ट्रैकर वोर्टेक्सा के अनुसार, भारत के आयात में रूस की हिस्सेदारी जनवरी में बढ़कर 1.27 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गई। यानी भारत के कुल तेल आयात में अब रूस की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत हो गई।
भारत, चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश है। भारत लगातार रूसी तेल आयात कर रहा है। भारत ऐसे समय में रूस से तेल आयात कर रहा है जब यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि इन प्रतिबंधों का असर भारत पर नहीं पड़ा है।
मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान चीन से आयात करीब 9 फीसदी बढ़कर 83.76 अरब डॉलर हो गया। इसी तरह यूएई से आयात 23.53 प्रतिशत बढ़कर 44.3 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि के दौरान अमेरिका से भारत का आयात करीब 25 फीसदी बढ़कर 42.9 अरब डॉलर हो गया।



































