पटना सीएम नीतीश कुमार ने लालू यादव के परिवार पर सीबीआई और ईडी की कार्रवाई के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि अब इस मामले में क्या बोल सकते हैं। सीबीआई ने समन भेजा है, तो वो लोग जवाब दे ही रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मुद्दा ये नहीं है। 2017 में जब हमलोग साथ थे, तब भी छापेमारी हुई थी। अब 5 साल बाद फिर कार्रवाई हो रही है। सीएम नीतीश ने कहा कि जब से वे आरजेडी के साथ आए हैं, तब से क्या हो रहा, सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा, इस मामले में छापे या समन किए गए लोग जवाब देंगे, जांच एजेंसियां बेहतर बता सकती हैं कि असली मामला क्या था।
‘2017 में भी लालू परिवार के खिलाफ CBI रेड हुई थी’
आपको बता दें शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि 2017 में राजद प्रमुख और उनके परिवार के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी पांच साल पहले हुई थी। उस समय, मैंने एक स्पष्टीकरण मांगा था, आप सभी को याद होना चाहिए।
नीतीश ने कहा कि तेजस्वी और राजद प्रमुख के परिवार पर छापेमारी के बाद भाजपा नेताओं ने मुझसे बातचीत शुरू की। तब मैं सहमत हो गया और भाजपा पक्ष में चला गया। अब, जब मैं राजद के साथ वापस आ गया हूं, तो छापेमारी एक बार फिर से शुरू हो गई है।” बेहतर है क्या बात है। उन्होंने कहा कि जांच का लालू परिवार जवाब दे रहा है।
आपके बता दें जदयू ने जुलाई 2017 के अंत में महागठबंधन से अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए राजद से नाता तोड़ लिया था। जदयू ने एक बार अगस्त 2022 में भाजपा से नाता तोड़कर राजद के साथ फिर से गठबंधन किया। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में राजद प्रमुख, डिप्टी सीएम और लालू के बच्चों के आवास पर सीबीआई और ईडी के छापे पर नीतीश कुमार ने पहली बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
‘सुशील मोदी को जितना बोलना है, बोलने दीजिए’ वहीं लालू परिवार पर सीबीआई के एक्शन पर नीतीश की चुप्पी के बीजेपी नेता सुशील मोदी के सवाल पर नीतीश कुमार ने कहा कि सुशील मोदी की मजबूरी है कि वह बोलें। उन्हें हर दिन बोलना पड़ता है। मैं कोई संज्ञान नहीं लेता। उन्हें मेरे खिलाफ भी जितना बोलना है, बोलने दीजिए।
बीजेपी ने नीतीश कुमार को घेरा
वहीं इस मामले पर बीजेपी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला है। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि सीएम कुमार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सफाई देनी चाहिए। वह और लल्लन सिंह, शिवानंद तिवारी जैसे अन्य लोग थे, जो लालू के खिलाफ व्हिसल ब्लोअर थे। उनके परिवार पर चारा घोटाला, IRCTC स्कैम और आय से अधिक संपत्ति का मामला है।अब अगर नीतीश कुमरा इन सभी मामलों में चल रही जांच पर पछता रहे हैं, और यह महसूस कर रहे हैं कि राजद प्रमुख और उनका परिवार पीड़ित है तो बिहार के मुख्यमंत्री को खुले तौर पर माफी मांगनी चाहिए।



































