America के राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran द्वारा हाल ही में पेश किए गए 14-सूत्रीय समझौते के प्रस्ताव पर अपनी असहमति के स्पष्ट संकेत दिए हैं। Florida से Air Force One में उड़ान भरने के दौरान और ‘Truth Social’ पर अपने बयान में उन्होंने कहा कि उन्हें प्रस्ताव के कांसेप्ट के बारे में बताया गया है, लेकिन यह स्वीकार्य नहीं लग रहा है।
इतिहास का हवाला: Trump ने Iran के पिछले 47 सालों के इतिहास पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने मानवता और दुनिया के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, उसकी पूरी कीमत अभी तक नहीं चुकाई है। उन्होंने बताया कि अब उन्हें इस समझौते के सटीक शब्द मिलने वाले हैं, जिनकी वे जल्द ही विस्तार से समीक्षा करेंगे।
स्थायी समाधान पर जोर: पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए Trump ने कहा कि वे नहीं चाहते कि America को 2 या 5 साल बाद फिर से इसी स्थिति में लौटना पड़े। उन्होंने अपने पुराने बयानों का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि America अभी पीछे नहीं हट रहा है और वे एक ऐसा ठोस समाधान निकालने जा रहे हैं जिससे भविष्य में कोई संकट पैदा न हो।
नया कूटनीतिक ढांचा: Iran की ओर से आया यह प्रस्ताव दरअसल Washington द्वारा पहले भेजे गए 9-सूत्रीय प्रस्ताव का सीधा जवाब है, जिसमें दो महीने के संघर्षविराम की बात कही गई थी। तसनीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, Tehran का यह नया 14-सूत्रीय प्रस्ताव Lebanon सहित सभी मोर्चों पर चल रही जंग को पूरी तरह से खत्म करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कड़ी और स्पष्ट शर्तें: इस प्रस्ताव में Tehran ने अस्थायी संघर्षविराम को मानने से इनकार करते हुए 30 दिन के अंदर पूर्ण समाधान की मांग की है। Iran चाहता है कि युद्ध का पूरी तरह से अंत हो, भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ उसे पक्की सुरक्षा गारंटी मिले और आसपास के इलाकों से अमेरिकी सेना पूरी तरह से वापस लौट जाए।
आर्थिक और व्यापारिक मांगें: सुरक्षा गारंटी के अलावा, Iran ने अपने ऊपर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंधों को तुरंत हटाने तथा विदेशों में जमी हुई संपत्ति को मुक्त करने की मांग की है। साथ ही, प्रतिबंधों के नुकसान के मुआवजे और Strait of Hormuz से तेल के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए एक नए शासी तंत्र का भी प्रस्ताव रखा है।



































