लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने सोमवार को जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट सीएम योगी को सौंप दिया। 260 पन्नों के इस ड्राफ्ट में आयोग ने सिफारिश की है कि दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को स्थानीय चुनाव लड़ने से रोक दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें सरकारी नौकरियों से भी महरूम रखने का प्रस्ताव दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में इस विधेयक को पेश किया जाए।
न्यायमूर्ति एएन मित्तल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश विधि आयोग ने जनसंख्या कानून का ये मसौदा तैयार किया है। दिलचस्प बात यह है कि विधि आयोग के प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण विधेयक के मसौदे पर उठे शोर-शराबे के बीच, इसे लोगों का भारी समर्थन मिला और आयोग द्वारा प्राप्त 8,500 सुझावों में से केवल 0.47% ने बिल का विरोध किया। बाकी सभी सुझाव या तो संशोधन, स्पष्टीकरण या जोड़ने के लिए हैं।
आयोग ने इस मसौदे में दो से अधिक बच्चे वाले लोगों को राज्य के स्वास्थ्य कार्यक्रमों जैसी कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने से रोकने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ऐसे व्यक्तियों के लिए राशन पर सब्सिडी भी रोक दी जानी चाहिए, और राशन कार्ड में केवल चार व्यक्तियों की सीमा को एक मानदंड बनाया जाना चाहिए।
मसौदा विधेयक में कथित तौर पर यह भी प्रस्ताव है कि दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और यदि सरकारी नौकरी में रहते हुए उनके दो से अधिक बच्चे हैं, तो उनकी पदोन्नति रोक दी जानी चाहिए।



































