एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ Tehran के आसमान से बारूद बरस रहा है। अमेरिका और इजरायल ने अपनी समयसीमा (Deadline) खत्म होने से पहले ईरान पर हमले और तेज कर दिए हैं। हालिया हवाई हमलों में तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें 13 नागरिकों की मौत हो गई।
शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमला (Targeting Sharif University)
अमेरिकी और इजरायली विमानों ने तेहरान की प्रसिद्ध Sharif University को निशाना बनाया है। इस संस्थान पर हमले के पीछे ठोस रणनीतिक कारण हैं:
- Military Link: इस यूनिवर्सिटी का ईरान के Ballistic Missile Program से गहरा संबंध रहा है।
- Sanctions: सैन्य कार्यों में संलिप्तता के कारण यह वर्षों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रही थी।
- Gas Distribution Center: हमले के कारण परिसर के पास स्थित एक प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
युद्ध का व्यापक उद्देश्य (Strategic Goals of the War)
28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस साझा सैन्य अभियान (Joint Military Operation) के पीछे अमेरिका और इजरायल के तीन मुख्य लक्ष्य हैं:
- ईरान के Nuclear Program को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना।
- रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को जड़ से खत्म करना।
- ईरान के वर्तमान शासन को कमजोर करना या सत्ता परिवर्तन करना।
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की सुरक्षा एजेंसियां अब वैकल्पिक ठिकानों से अपनी गतिविधियां चला रही हैं, लेकिन US-Israel Stealth Attacks ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया है।



































