प्रेम त्रिकोण का खूनी अंत और कानपुर में सनसनी कानपुर के नौबस्ता इलाके में विश्वासघात और हिंसा की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहाँ मुन्नी हनुमान मंदिर के पास रहने वाले सुधीर गुप्ता को अपनी ही पत्नी की बेवफाई का शिकार होना पड़ा। सुधीर को अंदेशा भी नहीं था कि जिस घर को उन्होंने अपने सपनों से सजाया था, वहीं उनकी जान लेने की कोशिश की जाएगी। पत्नी रानी गुप्ता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुधीर पर तब हमला किया जब उन्होंने उनके अवैध संबंधों को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना दर्शाती है कि किस प्रकार अवैध संबंध किसी भी व्यक्ति को अपराध के रास्ते पर धकेल सकते हैं।
विश्वासघात का पर्दाफाश और हिंसा की शुरुआत पूरा वाकया तब शुरू हुआ जब सुधीर गुप्ता घर से बाहर थे और उनकी पत्नी ने घर में अपने प्रेमी को शरण दे रखी थी। सुधीर का अचानक घर वापस आना रानी और उसके साथी के लिए भारी पड़ गया। बेडरूम के भीतर अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख सुधीर का आपा खोना स्वाभाविक था। जैसे ही उन्होंने इस धोखे पर सवाल उठाए और विरोध किया, रानी ने अपने पति के प्रति सारा लगाव भुलाकर अपने प्रेमी का साथ दिया। दोनों ने मिलकर सुधीर को घेर लिया और घर में रखी सरिया व चाकू जैसे हथियारों से उन पर टूट पड़े।
प्राणघातक वार और बाल-बाल बची जान हमलावरों ने सुधीर के शरीर के नाजुक हिस्सों, विशेषकर सिर और चेहरे को निशाना बनाया। सरिया के प्रहार से सुधीर के सिर में गंभीर चोटें आईं और चाकू के हमले से उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। आरोपियों की मंशा केवल डराने की नहीं बल्कि सुधीर को रास्ते से हटाने की थी। उन्होंने सुधीर का गला दबाकर उन्हें मौत के घाट उतारने का भी प्रयास किया। गनीमत रही कि सुधीर ने हार नहीं मानी और किसी तरह उनकी पकड़ से छूटकर बाहर भागने में सफल रहे। इसके बाद दोनों आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां देते हुए घर से चंपत हो गए।
थाने में शिकायत और पुलिस का कड़ा रुख घायल अवस्था में सुधीर नौबस्ता पुलिस स्टेशन पहुँचे और आपबीती सुनाई। उनकी हालत देखकर पुलिस ने बिना देर किए मामला दर्ज कर लिया। सब-इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह को इस महत्वपूर्ण केस की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस ने आरोपी रानी गुप्ता और उसके साथी के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुँचाने की धाराओं में मुकदमा कायम किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। फरार जोड़े की तलाश में पुलिस की कई टीमें सक्रिय हैं और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
जांच के दायरे में अन्य संदिग्ध और सुराग पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि रानी का प्रेमी शहर का ही रहने वाला है या कहीं बाहर का। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों के भागने की दिशा और उनके वाहन का पता लगाया जा सके। पड़ोसियों से हुई पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि सुधीर के घर में अक्सर अशांति रहती थी, जिसका मुख्य कारण शायद रानी की बाहरी गतिविधियां ही थीं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इस हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या यह अचानक उपजे विवाद का परिणाम था।
न्यायिक कार्यवाही और समाज पर प्रभाव जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साक्ष्यों का भी सहारा लिया जाएगा। सुधीर के बयान और उनकी चोटों की प्रकृति इस केस में मुख्य आधार बनेगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने नैतिक मूल्यों के पतन का सवाल खड़ा कर दिया है। कानपुर पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करेंगे ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस खूनी खेल के पीछे की असल कहानी और मंशा क्या थी। सुधीर के परिजन अब आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।



































