चुनावी रणनीति और मुफ्त उपहारों की राजनीति समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लुभावना प्रस्ताव रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 के चुनाव के बाद सत्ता में आते ही उनकी सरकार उपभोक्ताओं को यह राहत प्रदान करेगी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन स्मार्ट मीटर के माध्यम से मध्यम वर्ग और गरीबों की जेब पर डाका डाल रहा है। यह घोषणा समाजवादी पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच जनता का समर्थन जुटाना है।
राजभर का सपा मुखिया पर तीखा हमला अखिलेश यादव के इस वादे पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इसे ‘जनता को ठगने का प्रयास’ बताया है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान केवल वोट बैंक को साधने की एक असफल कोशिश है। उन्होंने जनता को आगाह किया कि सपा मुखिया उन्हें गुमराह कर रहे हैं और सत्ता में आने के लिए ऐसे वादे कर रहे हैं जिन्हें पूरा करना उनके लिए संभव नहीं होगा। राजभर ने सपा की विचारधारा पर प्रहार करते हुए कहा कि समाज को भ्रमित करना ही उनके राजनीतिक अस्तित्व का आधार बन गया है।
सपा शासनकाल और बिजली की किल्लत का जिक्र ओम प्रकाश राजभर ने अतीत के पन्नों को पलटते हुए कहा कि जब अखिलेश यादव स्वयं सत्ता में थे, तब प्रदेश के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे रहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बिजली आपूर्ति में भारी भेदभाव किया जाता था और केवल सैफई, रामपुर और मैनपुरी जैसे गढ़ों को ही प्राथमिकता दी जाती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के लिए हाहाकार मचता था और शहरों में भी 10-10 घंटे की कटौती आम बात थी। राजभर ने सुझाव दिया कि मुफ्त बिजली की बातें करने से पहले अखिलेश यादव को अपने पुराने बिजली विभाग के रिकॉर्ड और अपनी सरकार की विफलताओं का अध्ययन करना चाहिए।
भ्रष्टाचार मुक्त बिजली व्यवस्था का दावा वर्तमान सरकार की कार्यशैली की तुलना करते हुए राजभर ने बताया कि पहले ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए जनता को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ते थे, लेकिन आज योगी सरकार में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए के शासन में पारदर्शिता आई है और किसी भी खराबी की स्थिति में सरकारी खर्च पर तुरंत समाधान किया जाता है। राजभर ने सपा के कार्यकाल को ‘अंधेर नगरी’ की उपमा देते हुए कहा कि उस समय जनता का शोषण होता था, जबकि आज बिना किसी भेदभाव के हर जिले और हर गांव को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्तमान आपूर्ति और एनडीए की सफलता राजभर के अनुसार, आज उत्तर प्रदेश के गांवों में 15 से 16 घंटे बिजली आ रही है और तहसील स्तर पर 22 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। शहरों को तो 24 घंटे बिजली दी ही जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जो बदलाव आया है, वह केवल एनडीए सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है। अखिलेश यादव के 300 यूनिट वाले वादे को उन्होंने केवल एक ‘पॉलिटिकल स्टंट’ बताया, जो समाज को गुमराह करने के लिए रचा गया है। राजभर ने विश्वास जताया कि जनता योगी सरकार के कार्यों और पिछली सपा सरकार के कुशासन के बीच के अंतर को अच्छी तरह समझती है।
पेंशन वादा और समाजवादी पार्टी का लक्ष्य अखिलेश यादव ने सोमवार को बिजली के अतिरिक्त महिलाओं के लिए भी विशेष घोषणा की। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी सरकार बनने पर महिलाओं को प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की पेंशन राशि दी जाएगी। सपा प्रमुख ने कहा कि वे स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही लूट को खत्म करेंगे और जनता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। हालांकि, ओम प्रकाश राजभर ने इन सभी घोषणाओं को ‘धोखा’ करार देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही सपा को जनता की याद आने लगती है, जबकि सत्ता में रहते हुए उन्होंने केवल अपने करीबियों का विकास किया था। आने वाले चुनाव इस वैचारिक संघर्ष का मैदान बनेंगे।



































