रहस्यमय ढंग से लापता पुजारी की मृत्यु और सांप्रदायिक चिंताएं बांग्लादेश के तटीय जिले कोक्स बाजार में एक मंदिर के पुजारी की संदेहास्पद मृत्यु ने सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन दिनों के लंबे और तनावपूर्ण इंतजार के बाद, लापता पुजारी का शव एक निर्जन पहाड़ी इलाके में पेड़ से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना ने न केवल मृतक के परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि स्थानीय अल्पसंख्यक समाज के मन में भी गहरे डर की स्थिति पैदा कर दी है। बांग्लादेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां वर्तमान में साक्ष्य जुटाने में व्यस्त हैं और उनका कहना है कि वे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के तकनीकी पहलुओं के आधार पर ही अपनी जांच को आगे बढ़ाएंगे।
हृदयविदारक बरामदगी और पुलिस प्रशासन की तत्परता कोक्स बाजार सदर उपजिला के पहाड़ी अंचल में जब ग्रामीणों ने एक पेड़ से लटकता हुआ शव देखा, तो पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई। मृतक पुजारी के गले में एक स्कार्फ लिपटा हुआ था, जो इस घटना को और अधिक संदेहास्पद बनाता है। सदर मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रमुख मोहम्मद समिउद्दीन ने मीडिया को जानकारी दी कि यह शव खुरुशखुल यूनियन के एक सुदूर और कम आबादी वाले क्षेत्र से बरामद किया गया है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर डाल दिया है, क्योंकि पुजारी की मृत्यु से उत्पन्न आक्रोश किसी बड़े विरोध प्रदर्शन का रूप ले सकता है।
नयन दास का व्यक्तित्व और उनके गायब होने की घटना मृतक की पहचान नयन दास के रूप में हुई है, जो पुलिश्शोरा घोना स्थित नाग पंचमी मंदिर में अपनी धार्मिक सेवाएं प्रदान कर रहे थे। पूजा उद्यापन परिषद के प्रतिनिधियों ने बताया कि नयन दास 19 अप्रैल की रात से ही घर से गायब थे। परिजनों के अनुसार, उस रात करीब 9 बजे उनके पास कुछ अनजान नंबरों से कॉल आए थे, जिसके बाद वे किसी से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे। परिजनों को अंदेशा है कि उन्हें किसी बहाने से एकांत में बुलाया गया था। यह रहस्यमयी कॉल और उसके बाद पुजारी का अचानक ओझल हो जाना, इस पूरी घटना को एक संदिग्ध आपराधिक साजिश की ओर मोड़ देता है।
विधिक प्रक्रिया और लापता होने की प्रारंभिक रिपोर्ट जब नयन दास पूरी रात घर नहीं लौटे, तो उनके परिवार ने अनहोनी की आशंका में 20 अप्रैल की रात को स्थानीय पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर खोजबीन का आश्वासन दिया था, लेकिन अगले 48 घंटों तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इस दौरान परिवार और मंदिर के पुजारी के सहयोगियों ने खुद भी आसपास के जंगलों और रिहायशी इलाकों में उन्हें ढूंढने का प्रयास किया। पुलिस अब उन नंबरों की जांच कर रही है जिनसे नयन को अंतिम बार कॉल किया गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कौन लोग थे जिन्होंने उन्हें रात में बाहर बुलाया था।
खोज दल की सफलता और शव का पोस्टमार्टम हेतु प्रस्थान पुजारी की खोज में लगे स्थानीय लोगों और सहकर्मियों के एक दल ने बुधवार को मंदिर के पूर्व में स्थित पहाड़ियों की व्यापक तलाशी ली। इस 35 सदस्यीय समूह ने अंततः नयन दास के शव को एक पेड़ से लटका हुआ पाया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और शव को नीचे उतारकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मृत्यु का कारण दम घुटना था या उनके शरीर पर किसी प्रकार के संघर्ष के निशान मौजूद थे, जिससे हत्या की पुष्टि हो सके।
न्याय की पुकार और समुदाय की सुरक्षा का प्रश्न नयन दास की इस तरह हुई आकस्मिक मृत्यु ने स्थानीय हिंदू संगठनों को आंदोलित कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए और इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह एक हत्या है, तो इसके पीछे के उद्देश्यों को उजागर करना नितांत आवश्यक है। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि न्याय की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। फिलहाल, पूरा कोक्स बाजार इस घटना के बाद शोक और आक्रोश की मिली-जुली भावनाओं से गुजर रहा है।



































