धर्मोत्सव अभियान के तहत भव्य संगीतमय संध्या का आयोजन लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा में आध्यात्मिक चेतना जगाने के उद्देश्य से ‘धर्मोत्सव @ सरोजनीनगर’ के बैनर तले बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को एक विशाल धार्मिक सभा का आयोजन किया गया। नटकुर मैदान में आयोजित इस भजन संध्या ने क्षेत्र के धार्मिक इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सुप्रसिद्ध गायक कन्हैया मित्तल, जो अपनी अनूठी गायकी और श्री राम के भजनों के लिए विश्वविख्यात हैं, ने अपनी जादुई आवाज़ से उपस्थित हज़ारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम ढलते ही जैसे-जैसे दीप प्रज्वलित हुए, वैसे ही पूरा मैदान भक्तिमयी तरंगों से भर गया। प्रशासन और आयोजकों द्वारा की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने इस उत्सव में सहभागिता की।
जनप्रतिनिधि राजेश्वर सिंह की सक्रिय भागीदारी और संबोधन इस भव्य सांस्कृतिक महोत्सव के केंद्र में सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह रहे, जिनके संरक्षण में यह पूरा आयोजन अपनी पूर्णता को प्राप्त हुआ। कन्हैया मित्तल की प्रस्तुतियों के दौरान राजेश्वर सिंह ने स्वयं अग्रिम पंक्ति में बैठकर प्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और शांति का संदेश फैलाते हैं। विधायक की सक्रियता ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को उचित सम्मान और सुविधा प्राप्त हो। उनके विजन ने इस धर्मोत्सव को मात्र एक संगीत कार्यक्रम से ऊपर उठाकर एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है।
श्रद्धालुओं के सैलाब को संबोधित करते हुए राम भक्ति की महिमा मंच से जयघोष करते हुए विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज यहाँ उमड़ा हुआ यह विशाल जनसमूह इस बात का गवाह है कि सरोजनीनगर की मिट्टी राम भक्ति से ओत-प्रोत है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत का प्रदर्शन है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह की तुलना एक तीर्थ यात्रा से करते हुए कहा कि जहाँ निष्काम भाव से इतनी संख्या में राम भक्त जुटते हैं, वह स्थान साक्षात प्रयाग या काशी के समान फलदायी हो जाता है। उनके इन शब्दों ने श्रद्धालुओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया और पूरा वातावरण भक्ति के उन्माद में डूब गया।
सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम राजेश्वर सिंह ने कार्यक्रम के दौरान अपने भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य ध्येय सरोजनीनगर को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी बनाना है। उन्होंने कन्हैया मित्तल की दिव्य प्रस्तुति को इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया। विधायक का मानना है कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपने आध्यात्मिक गौरव को विस्मृत नहीं करना चाहिए। वे चाहते हैं कि सरोजनीनगर का प्रत्येक नागरिक अपने धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक रहे। इस दिशा में वे निरंतर ऐसे भव्य आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं, जिससे जनता के मध्य सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा और विश्वास और भी प्रगाढ़ हो सके।
राम रथ की यात्रा और आगामी श्याम रथ की विशेष घोषणा विधायक ने अपने संबोधन में पिछले चार वर्षों से संचालित ‘राम रथ’ की सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे हज़ारों लोगों ने इसके माध्यम से निशुल्क धार्मिक यात्राओं का लाभ उठाया है। इसी सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने श्रद्धालुओं को उपहार स्वरूप ‘श्याम रथ’ शुरू करने का वचन दिया। यह नया रथ विशेष रूप से खाटू श्याम के दर्शन के इच्छुक भक्तों के लिए समर्पित होगा, जो उन्हें मथुरा और खाटू धाम की पावन यात्रा कराएगा। विधायक की इस घोषणा ने विशेष रूप से वृद्ध श्रद्धालुओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। यह पहल दर्शाती है कि विधायक न केवल क्षेत्र की अधोसंरचना पर ध्यान दे रहे हैं, बल्कि जनता की आध्यात्मिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति कर रहे हैं।
भजन संध्या का दिव्य अनुभव और आस्था का समापन कन्हैया मित्तल के भजनों के प्रभाव से नटकुर मैदान का कोना-कोना भक्ति के सुरों से गुंजायमान रहा। देर रात तक भक्तगण भजनों की धुन पर थिरकते रहे और ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे’ जैसे गीतों पर माहौल पूरी तरह से राममय हो गया। इस आयोजन की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरोजनीनगर में ‘धर्मोत्सव’ का यह अभियान अब एक परंपरा का रूप ले चुका है। कार्यक्रम के अंत में विधायक राजेश्वर सिंह ने सभी कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। श्रद्धा और आस्था से लबरेज यह शाम लखनऊ वासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनकर रह गई, जिसने समाज को भक्ति के एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।



































