प्रधानमंत्री पद के प्रति सम्मान और खरगे के वक्तव्य का खंडन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी को अनुचित बताते हुए उससे किनारा कर लिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसकी ऐतिहासिक विरासत अत्यंत समृद्ध है, और यहाँ के प्रधानमंत्री के विरुद्ध अभद्र या व्यक्तिगत भाषा का उपयोग करना किसी भी परिप्रेक्ष्य में न्यायसंगत नहीं है। अवधेश प्रसाद ने साफ शब्दों में कहा कि यद्यपि वे सत्ता पक्ष के प्रबल विरोधी हैं, किंतु वे प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले किसी भी आचरण का समर्थन नहीं करते। यह बयान विपक्षी एकता के बीच वैचारिक भिन्नता और संसदीय मर्यादा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वैचारिक विरोध बनाम व्यक्तिगत आक्षेप: लोकतांत्रिक मूल्यों का विश्लेषण सांसद महोदय ने लोकतंत्र की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार की नीतियों, विफलताओं और कार्य करने के तरीकों की आलोचना करना विपक्ष का परम धर्म है। सरकार की गलत योजनाओं का विरोध करना अनिवार्य है, परंतु व्यक्तिगत आक्षेपों के लिए भारतीय लोकतंत्र में कोई छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि राजनीतिक विमर्श का स्तर इसी प्रकार गिरता रहा, तो संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास कम हो जाएगा। उनके अनुसार, लोकतंत्र में विरोध का स्वरूप शालीन और तर्कसंगत होना चाहिए, न कि अपमानजनक। अवधेश प्रसाद ने राजनेताओं से अपील की कि वे अपनी आलोचना को केवल नीतियों तक ही सीमित रखें।
नारी सम्मान और पप्पू यादव की विचारधारा पर तीखी प्रतिक्रिया सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर अवधेश प्रसाद ने अपनी नाराजगी प्रकट की और इसे पूर्णतः उनका निजी विचार बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोहिया और मुलायम सिंह यादव की विचारधारा हमेशा से महिलाओं को शक्ति स्वरूपा मानने की रही है। समाजवादी पार्टी उस दर्शन का अनुसरण करती है जहाँ नारी शक्ति का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पप्पू यादव की विचारधारा क्या है, इस पर टिप्पणी करना वे समय की बर्बादी समझते हैं, किंतु वे महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के अपमानजनक दृष्टिकोण को सिरे से खारिज करते हैं। यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि सपा अपने कोर मूल्यों के प्रति अडिग है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: वास्तविकता और भाजपा का छलावा महिला आरक्षण के ज्वलंत मुद्दे पर बात करते हुए अवधेश प्रसाद ने केंद्र की भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ एक ऐसा कानून था जो पहले ही सदन की सहमति से पारित हो चुका था, फिर भी इसे नए सिरे से एक राजनीतिक हथियार के रूप में पेश किया गया। उनके अनुसार, अखिलेश यादव और संपूर्ण विपक्षी गठबंधन महिला आरक्षण के वास्तविक कार्यान्वयन के पक्ष में है, किंतु भाजपा ने इस नेक कार्य की आड़ में अपनी कुटिल राजनीति को छिपाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के माध्यम से वास्तव में महिलाओं को सशक्त करने के बजाय केवल सुर्खियां बटोरने का प्रयास किया गया।
दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक हितों की रक्षा का संकल्प अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिला आरक्षण विधेयक में जातीय जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल बाधाएं केवल इसलिए डाली हैं ताकि देश के दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनके उचित प्रतिनिधित्व से वंचित रखा जा सके। उन्होंने इसे भाजपा की एक सोची-समझी “चतुराई” बताया, जिसका उद्देश्य सामाजिक न्याय की प्रक्रिया को बाधित करना था। सांसद ने कहा कि भाजपा की इस चाल को विपक्ष ने समय रहते पहचान लिया, जिसके कारण सरकार को इसमें पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आरक्षण के भीतर वंचित वर्गों की महिलाओं के लिए विशेष कोटा सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह कानून अधूरा और बेमानी रहेगा।
विधेयक को राजनीतिक खेल करार देते हुए भविष्य की चेतावनी निष्कर्ष के तौर पर, अवधेश प्रसाद ने कहा कि हालिया दिनों में संसद में महिला आरक्षण को लेकर जो कुछ भी हुआ, वह भाजपा की महज एक “प्रहसन” या ड्रामा मात्र था। उन्होंने इसे एक राजनीतिक खेल की संज्ञा दी जिसका उद्देश्य केवल आगामी चुनावों में लाभ प्राप्त करना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रति गंभीर होती, तो वह परिसीमन की प्रतीक्षा किए बिना इसे तत्काल प्रभाव से लागू करती। समाजवादी पार्टी के सांसद ने चेतावनी दी कि देश की जनता अब ऐसी “चतुराई” को स्वीकार नहीं करेगी और आगामी चुनावों में भाजपा को इसका करारा जवाब देगी। उनके अनुसार, राजनीति को केवल नारों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक समावेशी विकास की आवश्यकता है।



































