व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान हुई हिंसा के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति की सुरक्षा को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। व्हाइट हाउस ने शनिवार की गोलीबारी की घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा के हर पहलू की जांच करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में होने वाली ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को पूरी तरह से रोकना है।
उच्च स्तरीय मीटिंग: इस सप्ताह के अंत में होने वाली बैठक में गृह मंत्रालय (DHS) और यूएस सीक्रेट सर्विस के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सुसन वाइल्स इस बैठक का नेतृत्व करेंगी। बैठक का मुख्य केंद्र राष्ट्रपति के सुरक्षा प्रोटोकॉल में जरूरी बदलाव करना और शनिवार को हुई चूक के कारणों का पता लगाना होगा।
आगामी चुनौतियां: सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चार जुलाई का ऐतिहासिक अवसर है। अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप कई जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रक्रियाओं को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए सीक्रेट सर्विस को नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सरकारी निरंतरता: प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, आपात स्थिति में सरकार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए ‘डेजिग्नेटेड सर्वाइवर’ नामित करने की परंपरा रही है। हालांकि, शनिवार के रात्रिभोज में कैबिनेट के कई सदस्यों के मौजूद न होने के कारण किसी विशिष्ट अधिकारी को नामित नहीं किया गया था। अब उत्तराधिकार क्रम में शामिल मंत्रियों की सुरक्षा पर भी नए सिरे से ध्यान दिया जा रहा है।
नेताओं की राय: रिपब्लिकन सांसद माइकल मैक्कॉल ने सीएनएन के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सीक्रेट सर्विस को इस नीति पर दोबारा गौर करना चाहिए कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एक ही स्थान पर मौजूद रहें या नहीं। रात्रिभोज में डोनाल्ड ट्रंप, जे डी वेंस, माइक जॉनसन और मार्को रुबियो जैसे प्रमुख चेहरे एक साथ थे, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा जोखिम था।
उत्तराधिकार क्रम: अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार का एक निश्चित क्रम है, जिसकी शुरुआत उपराष्ट्रपति से होती है। इसके बाद प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष, सीनेट के अस्थायी अध्यक्ष और फिर विभिन्न विभागों के मंत्री जैसे विदेश, वित्त और रक्षा मंत्री आते हैं। शनिवार की घटना ने इस पूरे उत्तराधिकार क्रम की सुरक्षा व्यवस्था को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।



































