इंडोनेशिया की राजधानी के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक रेलवे स्टेशन पर सोमवार को दो ट्रेनों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दुखद रेल हादसे में अब तक 14 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि यात्री ट्रेन के डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें कई मुसाफिर फंस गए, जिन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती: रेलवे प्रशासन ने बताया कि दुर्घटना का शिकार हुई ट्रेन से अब तक 38 यात्रियों को निकाला गया है, जिन्हें इलाज की सख्त जरूरत थी। इन सभी को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है। रेलवे अधिकारी ने घटनास्थल पर मौजूद मीडिया को बताया कि प्राथमिकता केवल फंसे हुए लोगों को निकालने और घायलों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराने की है।
आरक्षित श्रेणी पर प्रभाव: दुर्घटना के विवरण के अनुसार, खड़ी हुई ट्रेन का पिछला डिब्बा महिलाओं के लिए आरक्षित था, जिसे ‘अर्जो ब्रोमो अंगग्रेक’ ट्रेन ने पीछे से टक्कर मार दी। इंडोनेशिया में सुरक्षा की दृष्टि से महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों की व्यवस्था की जाती है, और इसी डिब्बे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर चारों ओर क्षतिग्रस्त डिब्बे के टुकड़े बिखरे नजर आए।
जांच की शुरुआत: राहत और बचाव कार्य के बीच अधिकारियों ने बताया कि अर्जो ब्रोमो अंगग्रेक में सवार सभी 240 यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। Jakarta पुलिस प्रमुख Asep Edi Suheri ने पुष्टि की है कि तकनीकी खराबी या मानवीय चूक जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे पांच लोगों को बाहर निकालने के प्रयास में जुटे हैं।
परिजनों की भीड़: सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे दृश्यों में स्टेशन पर भारी भीड़ और डरे हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों की जानकारी लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेशन पर जमा हो गए हैं। सरकारी रेलवे कंपनी ने इस पूरी घटना पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए प्रभावित यात्रियों और उनके परिवारों से सार्वजनिक माफी मांगी है।
दुर्घटनाओं का इतिहास: इंडोनेशिया के पुराने पड़ चुके रेल बुनियादी ढांचे के कारण यहाँ हादसों का लंबा इतिहास रहा है। इससे पहले October 2013 में एक असुरक्षित क्रॉसिंग पर मिनीबस और ट्रेन की टक्कर में 13 लोगों की जान गई थी। साल 2010 में भी इसी तरह की एक घटना Central Java में हुई थी, जहाँ खड़ी ट्रेन को पीछे से टक्कर मारने के कारण 36 लोगों की जान चली गई थी।



































